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बच्चों के दिमाग पर भारी ये फल-सब्जियां

Lucknow Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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लखनऊ। बच्चों के दिमागी विकास के लिए उन्हें फल और सब्जियां खिलाने पर जोर दिया जाता है। माना जाता है कि ये खाद्य पदार्थ उनमें एकाग्रता और ऊर्जा का संचार करेंगे पर राजधानी में ऐसा होने में संदेह है। राजधानी में मिलने वाले 15 फीसदी फलों, सब्जियों, अनाजों में ऐसे कीटनाशक पाए गए हैं जो सेहत के लिए खतरनाक हैं। ‘इमिडेक्लोप्राइड’ नामक इस कीटनाशक को विष विज्ञान में कड़े विष के तौर पर गिना जाता है। यह दिमाग पर सबसे ज्यादा असर डालता है। शरीर में इसके ज्यादा मात्रा में जाने पर बेहोशी, थकान और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं होती हैं। भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) लखनऊ ने शहरभर से फलों, सब्जियों के 250 सैंपल जुटाए और इनकी जांच की। जांच में 15 प्रतिशत खाद्य पदार्थों में ‘इमिडेक्लोप्राइड’ पाया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि कीटनाशक की मात्रा खतरे से कम है पर फिर भी जिस तेजी से इसका उपयोग खेतों और फलदार पौधों में बढ़ रहा है, वह खतरनाक है। भविष्य में सुरक्षित रहने के लिए इस कीटनाशक के उपयोग पर अभी से नियंत्रण की जरूरत है। आईआईटीआर के पेस्टिसाइड वैज्ञानिकों और शोधार्थियों के अनुसार जुटाए गए सैंपलों की जांच के लिए लिक्विड क्रोमैटोग्राफी-मास स्पैक्ट्रोमिटी की गई। फिलहाल इस कीटनाशक की मात्रा सुरक्षित स्तर पर बनी हुई है। टीम में यू कपूर, एमके श्रीवास्तव, एके श्रीवस्तव, डीके पटेल, वी गर्ग और एलपी श्रीवास्तव शामिल थे।
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सैंपल की जांच में ये पाया ः वैज्ञानिकों के अनुसार प्रति किलो वजन के अनुपात में लखनऊ के लोग खाने के साथ 0.004 से 0.131 माइक्रो ग्राम इमिडेक्लोप्रिड भी खा रहे हैं। यानी 60 किलो का एक व्यक्ति भोजन के साथ रोज 0.24 से 7.86 माइक्रो ग्राम इमिडेक्लोप्रिड ले रहा है। सुरक्षित स्तर 0.007 से 0.218 माइक्रो ग्राम/किलोग्राम वजन का है। यानी 60 किलोग्राम का एक व्यक्ति 0.42 से 13.08 माइक्रोग्राम इमिडेक्लोप्रिड ले सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह अभी तो खतरनाक स्तर पर नहीं है लेकिन जिस तेजी से भारत में इस कीटनाशक का उपयोग बढ़ रहा है, इसके गंभीर परिणाम हमें भुगतने पड़ सकते हैं। सर्वे के दौरान अमरूद, सेब, केले, गाजर, बेबी फूड, फ्रूट जूस, पालक, बैंगन, टमाटर, गोभी, पत्तागोभी और गेहूं व चावल के 250 सैंपल शहरभर से इकट्ठा किए गए थे। इनमें से 38 में इमिडेक्लोप्रिड पाया गया जो कुल 15.2 प्रतिशत रहा। जूस और बेबी फूड में इमिडेक्लोप्रिड नहीं मिला है।
ये है इमिडेक्लोप्रिड कीटनाशक ः भारत सहित दुनियाभर में फिलहाल इमिडेक्लोप्रिड सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला कीटनाशक है। मिट्टी में मिलाकर, पेड़ों में इंजेक्ट कर, छिड़काव द्वारा, इस कीटनाशक मिले पानी में बीजों को डुबाकर या सिंचाई के पानी में मिलाकर इसका उपयोग किया जाता है। इसके अलावा दीमकों से लेकर कुत्ते-बिल्लियों में पैदा होने वाले परजीवी मक्खियों को मारने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। दूसरी ओर पर्यावरण पर इसका बुरा असर मधुमक्खियों की आबादी खत्म करने के तौर पर समाने आया। इसके अलावा पानी में घुलकर भी यह जलीय जीवों को नुकसान पहुंचाता है। यही वजह है कि कई यूरोपीय देशों और अमेरिका में इस कीटनाशक पर प्रतिबंध लगा चुका है। हालांकि, अपने प्रदेश में यह कोहिनूर, इंटरसेप्ट, विनर, मेरिट आदि नामों से धड़ल्ले से आज भी बिक रहा है।

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