गृह मंत्रालय का जवाब: हिंसा के दौरान इंटरनेट शटडाउन पर नहीं रहता केंद्र सरकार का कंट्रोल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 10 Mar 2021 03:58 PM IST
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Centralised data of internet shutdown not maintained by ministry MHA on internet ban during tensions
Internet uses - फोटो : Pixabay

    गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में इंटरनेट शटडाउन को लेकर एक सवाल का जवाब दिया है। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि इंटरनेट बैन या इंटरनेट शटडाउन की स्थिति में इंटरनेट का कंट्रोल केंद्र सरकार के हाथ में नहीं होता है। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि साइबर स्पेस में काफी चुनौतियां हैं। यहां कोई भी सूचना काफी तेजी से वायरल होती है जिसके दुरुपयोग की संभावना बनी रहती है।

    केंद्र सरकार की ओर राज्यसभा में बताया गया कि किसी भी हिंसा या दंगे के दौरान जब इंटरनेट शटडाउन होता है तो उसका कंट्रोल राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के हाथ में होता है। देश में इंटरनेट का शटडाउन टेलीकॉम सर्विसेज (संशोधन) का अस्थायी निलंबन नियमावली 2020 के तहत होता है।

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    2020 में इंटरनेट शटडाउन से हुआ 2.5 बिलियन डॉलर

    भारत में साल 2020 में कई जगहों इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं। इससे देश को काफी नुकसान भी हुआ। इंटरनेट शटडाउन से देश को होने वाले नुकसान की रिपोर्ट हर साल top10vpn पोर्टल पर जारी किया जाता है जिसके मुताबिक साल 2020 में भारत में इंटरनेट बैन होने से करीब 2.5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।

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    2020 में भारत में 75 बार इंटरनेट शटडाउन किया गया। इस दौरान कुल 1,655 घंटों तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं। रिपोर्ट में कहा गया था कि साल 2020 में पूरी दुनिया में भारत में सबसे ज्यादा इंटरनेट बंद हुआ है।

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