फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The sparrow will return when you call with Love

प्यार से पुकारो तो सही, फिर से घर लौट आएगी गौरैया

Wed, 24 Apr 2024 08:55 AM IST
Anonymous User अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: Anonymous User Updated Wed, 24 Apr 2024 08:55 AM IST
सार

विश्व गौरैया दिवस पर विशेष
आपके जरा से प्रयास से विलुप्त होने से बच जाएगी यह चिरइया

विज्ञापन
The sparrow will return when you call with Love
गौरैया - फोटो : amar ujala

विस्तार

चीं-चीं, फुदकन, चिरैया ऐसे कई नामों से बचपन में जो गौरैया आंगन और मुंडेर पर चहकती दिखाई देती थीं, वो अब पक्के मकान, बदलती जीवनशैली और मोबाइल रेडिएशन आदि वजहों से धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। 

विज्ञापन

गौरैया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व में हर वर्ष 20 मार्च को गौरैया दिवस मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार वर्ष 2010 में मनाया गया था। पर्यावरणविद डॉ. राजीव प्रताप सिंह बताते हैं कि जब तक लोग गौरैया के संरक्षण के लिए जागरूक नहीं होंगे तब तक इनका संरक्षण नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि गौरैया काकून, बाजरा, चावल के दाने आदि खाती है। लेकिन अत्याधुनिक शहरीकरण के कारण उसके प्राकृतिक भोजन के श्रोत समाप्त होते जा रहे हैं। आशियाने भी उजड़ रहे हैं। आजकल घरों में घोसले बनाने की जगह ही नहीं रह गई है। गांवाें में भी घर बनाने के तरीकों में बदलाव आया है। अगर हम अपने घर की छत, बालकनी में गौरैया के लिए दाना और पानी रखना शुरू कर दें तो वो वापस हमारे आंगन में फुदकना शुरू कर देंगी। 

विज्ञापन
साध्वी का घर बना गौरैया का बसेरा
नगवा निवासी साध्वी गीतांभरा तीर्थ की बगिया गौरैया की चहचहाहट से गुलजार है। उन्होंने बताया कि घर के अंदर पुराना पेड़ है, इस पर मैंने गौरैया के लिए घोंसले टांग रखे हैं। जिसपर पूरे साल गौरैयों का आना-जाना लगा रहता है। मैं हर दिन सुबह उनके लिए पानी और दाना रखती हूं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


संजो रहे गौरैया का अस्तित्व
व्यग्र फाउंडेशन के अध्यक्ष नवनीत पांडेय साल 2018 से गौरैया के संरक्षण के लिए मुहिम चला रहे हैं। जिसमें वो वाराणसी, पूर्वांचल, छत्तीसगढ़ तक लोगों को इसके लिए जागरूक कर रहे हैं। किसी का जन्मदिन या सालगिरह हो तो वे तोहफे में लकड़ी का घोंसला, पानी का पात्र, ककूनी व बाजरा देते है। 

 
ऐसे बचा सकते हैं गौरैया
अगर गौरैया घर में घोंसला बनाए तो उसे बनाने दें उसे हटाए नहीं
रोजाना आंगन, खिड़की, बाहरी दीवारों पर दाना-पानी रखें
जूते के डिब्बोें, बड़ी बोतलों और मटकियों में छेद करके घर बना कर उन्हें उचित स्थानों पर लागाए

गौरैया संरक्षण के लिए हस्ताक्षर अभियान
2016 से गौरैया संरक्षण के लिए कार्य कर रहा विवेंडर फाउंडेशन अब तक चार हजार घोंसले लगा चुका है। संस्था की ओर से हर साल गौरैया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होता है। इसी क्रम में शनिवार को अस्सी घाट पर हस्ताक्षर अभियान का आयोजन है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed