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Shimla News: गेयटी थियेटर में झारखंड से आए युवाओं ने बांधा समां
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शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित आदिवासी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में
शिमला। नेहरू युवा केंद्र की ओर से गेयटी थियेटर में सोमवार को 14वां जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू हो गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
गेयटी थियेटर में सुबह 10:30 बजे यह कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें झांरखंड से आए आदिवासी युवाओं ने जिया न लागे... गाने पर नृत्य पेश किया। 18 मार्च तक चलने वाले 14वें युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा से आए 200 आदिवासी युवा प्रस्तुति देंगे। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लोगों से आह्वान किया कि वह एकजुट होकर समर्पित भाव से कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ें तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। कहा कि 75 वर्षों में भारत ने जो विकास किया है और विकास की नई रफ्तार पकड़ी है उसकी जानकारी आदिवासी समाज तक पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र बलों की सहभागिता से आदिवासी युवाओं का इनके साथ आपसी तालमेल, सहयोग और भाईचारा और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में देशभर से आदिवासी युवा आए हैं और प्रदेश से भी आदिवासी युवा उनके जिलों में जाएं। इस तरह एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार किया जा सकता है। कहा कि आदिवासी युवा जल, जंगल, जमीन, जलाश्य के महत्व को अच्छी तरह जानते हैं। आदिवासी समाज प्रकृति से जरूरी संसाधन लेते हैं और उतनी ही श्रद्धा से प्रकृति की सेवा भी करते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने सचिव राजेश शर्मा, भारत तिब्बत सीमा बल के उप-महानिरीक्षक प्रेम सिंह और विवि शिमला के विधि विभाग के डीन संजय सिंधू को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने आदिवासी युवा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र संगठन के राज्य निदेशक सेमसन मसीह, जिला युवा अधिकारी मनीषा अधिकारी समेत सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के 20 एस्कॉर्ट्स कार्यक्रम में मौजूद रहे। आदिवासी युवा मंगलवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एंडवांस स्टडी, एचपी स्टेट म्यूजियम और अनाडेल म्यूजियम का दौरा करेंगे।
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गेयटी थियेटर में सुबह 10:30 बजे यह कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें झांरखंड से आए आदिवासी युवाओं ने जिया न लागे... गाने पर नृत्य पेश किया। 18 मार्च तक चलने वाले 14वें युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा से आए 200 आदिवासी युवा प्रस्तुति देंगे। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लोगों से आह्वान किया कि वह एकजुट होकर समर्पित भाव से कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ें तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। कहा कि 75 वर्षों में भारत ने जो विकास किया है और विकास की नई रफ्तार पकड़ी है उसकी जानकारी आदिवासी समाज तक पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र बलों की सहभागिता से आदिवासी युवाओं का इनके साथ आपसी तालमेल, सहयोग और भाईचारा और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में देशभर से आदिवासी युवा आए हैं और प्रदेश से भी आदिवासी युवा उनके जिलों में जाएं। इस तरह एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार किया जा सकता है। कहा कि आदिवासी युवा जल, जंगल, जमीन, जलाश्य के महत्व को अच्छी तरह जानते हैं। आदिवासी समाज प्रकृति से जरूरी संसाधन लेते हैं और उतनी ही श्रद्धा से प्रकृति की सेवा भी करते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने सचिव राजेश शर्मा, भारत तिब्बत सीमा बल के उप-महानिरीक्षक प्रेम सिंह और विवि शिमला के विधि विभाग के डीन संजय सिंधू को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने आदिवासी युवा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र संगठन के राज्य निदेशक सेमसन मसीह, जिला युवा अधिकारी मनीषा अधिकारी समेत सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के 20 एस्कॉर्ट्स कार्यक्रम में मौजूद रहे। आदिवासी युवा मंगलवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एंडवांस स्टडी, एचपी स्टेट म्यूजियम और अनाडेल म्यूजियम का दौरा करेंगे।
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