याहू ने एचपीयू के छात्रों को दिया मुआवजा, हुई थी बड़ी गलती
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हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के एसएफआई कार्यकर्ता की जेएनयू प्रकरण से जुड़ी तस्वीर को याहू इंडिया लि. कंपनी की ओर से गलत ढंग से प्रकाशित करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी को मुआवजा देने की एवज में रद्द कर दिया है।
यह प्राथमिकता शिकायतकर्ता विक्रम कायथ और विपिन शर्मा ने 20 फरवरी को बालूगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने इस याचिका की प्राथमिक सुनवाई के दौरान नोटिस जारी किये थे और याचिकाकर्ता कंपनी के वकील को यह इजाजत दी थी कि वह कंपनी से पता करे कि क्या वे शिकायतकर्ताओं को मुआवजा देने के लिए तैयार है।
याहू ने प्रकाशित की थी गलत फोटो
याचिकाकर्ताओं ने सुनवाई के दौरान बताया कि वे शिकायतकर्ताओं को एक-एक लाख रुपये की मुआवजा राशि देकर मामले में समझौता करने को तैयार हैं। शिकायतकर्ताओं की ओर से इस सुझाव को मान लिया गया, जिसके बाद कोर्ट ने कंपनी को दो लाख रुपये की राशि एक सप्ताह के भीतर अदालत में जमा करने के आदेश दिए।
कोर्ट ने कहा कि वैसे भी कंपनी ने माफीनामा 25 फरवरी को प्रकाशित कर दिया था, इसलिए प्राथमिकी पर अगली कार्यवाही का कोई खास औचित्य नहीं रह जाता। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से एक गलत खबर प्रकाशित की। इस खबर के कारण उनकी मान हानि हुई और इससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है। यह खबर जेएनयू में हुई कथित देशद्रोही नारेबाजी के समर्थन से जुड़ी हुई थी।