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Shimla News: डी-ब्लॉक में एक्सरे मशीन ठीक अब रेडियोग्राफिक टेबल खराब
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मरीजों के केबल स्टैंडिंग एक्सरे हो रहे
अन्य एक्सरे के लिए मरीजों को भेजा जा रहा बी-ब्लॉक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में नई मशीनों की खरीद के बीच पुरानी मशीनों और उपकरणों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालात यह है कि मशीनों और उपकरणों में बार-बार खराबी आने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही डी-ब्लॉक में लगी एक्सरे मशीन के साथ हो रहा है। बीते दिनों एक्सरे मशीन खराब हो गई थी। इसके बाद मशीन को ठीक करवाया लेकिन अब रेडियोग्राफिक टेबल खराब हो गया है। इस टेबल पर मरीजों को लिटाकर एक्सरे किया जाता है।
रेडियोग्राफिक टेबल खराब होने के कारण डी-ब्लॉक में फिलहाल केवल स्टैंडिंग एक्सरे ही किए जा रहे हैं। लिटाकर किए जाने वाले अन्य एक्सरे के लिए मरीजों को बी-ब्लॉक या आपातकालीन कक्ष में भेजा जा रहा है। वहां पहले से भीड़ होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज भीड़ को देखते हुए निजी क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि आईजीएमसी में करीब 10 दिन पहले एक्सरे मशीन खराब हो गई थी। मशीन को ठीक करवाने में करीब 10 दिन का समय लग गया। अब मशीन ठीक होने के बाद रेडियोग्राफिक टेबल में तकनीकी खराबी आ गई है। अस्पताल प्रबंधन ने इसे दुरुस्त करने के लिए तकनीशियन को बुलाया है। टेबल ठीक होने तक मरीजों को अन्य स्थानों पर एक्सरे करवाने के लिए भेजा जा रहा है।
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मरीजों ने जताई नाराजगी
तीमारदारों और मरीजों नर्वदा, शशिपाल, निखिल और ममता ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें एक्सरे करवाने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि जब वह डी-ब्लॉक में एक्सरे करवाने पहुंचे तो उन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। मौजूद स्टाफ से कारण पूछने पर बताया गया कि रेडियोग्राफिक टेबल में तकनीकी खराबी आई है। इस कारण केवल स्टैंडिंग एक्सरे किए जा रहे हैं, जबकि अन्य एक्सरे के लिए मरीजों को बी-ब्लॉक या आपातकालीन कक्ष भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। यहां इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो मरीजों के लिए यह चिंता का विषय है। अस्पताल प्रबंधन को मशीनों और उपकरणों की नियमित देखरेख पर ध्यान देना चाहिए।
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अन्य एक्सरे के लिए मरीजों को भेजा जा रहा बी-ब्लॉक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में नई मशीनों की खरीद के बीच पुरानी मशीनों और उपकरणों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालात यह है कि मशीनों और उपकरणों में बार-बार खराबी आने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही डी-ब्लॉक में लगी एक्सरे मशीन के साथ हो रहा है। बीते दिनों एक्सरे मशीन खराब हो गई थी। इसके बाद मशीन को ठीक करवाया लेकिन अब रेडियोग्राफिक टेबल खराब हो गया है। इस टेबल पर मरीजों को लिटाकर एक्सरे किया जाता है।
रेडियोग्राफिक टेबल खराब होने के कारण डी-ब्लॉक में फिलहाल केवल स्टैंडिंग एक्सरे ही किए जा रहे हैं। लिटाकर किए जाने वाले अन्य एक्सरे के लिए मरीजों को बी-ब्लॉक या आपातकालीन कक्ष में भेजा जा रहा है। वहां पहले से भीड़ होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज भीड़ को देखते हुए निजी क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि आईजीएमसी में करीब 10 दिन पहले एक्सरे मशीन खराब हो गई थी। मशीन को ठीक करवाने में करीब 10 दिन का समय लग गया। अब मशीन ठीक होने के बाद रेडियोग्राफिक टेबल में तकनीकी खराबी आ गई है। अस्पताल प्रबंधन ने इसे दुरुस्त करने के लिए तकनीशियन को बुलाया है। टेबल ठीक होने तक मरीजों को अन्य स्थानों पर एक्सरे करवाने के लिए भेजा जा रहा है।
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मरीजों ने जताई नाराजगी
तीमारदारों और मरीजों नर्वदा, शशिपाल, निखिल और ममता ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें एक्सरे करवाने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि जब वह डी-ब्लॉक में एक्सरे करवाने पहुंचे तो उन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। मौजूद स्टाफ से कारण पूछने पर बताया गया कि रेडियोग्राफिक टेबल में तकनीकी खराबी आई है। इस कारण केवल स्टैंडिंग एक्सरे किए जा रहे हैं, जबकि अन्य एक्सरे के लिए मरीजों को बी-ब्लॉक या आपातकालीन कक्ष भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। यहां इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो मरीजों के लिए यह चिंता का विषय है। अस्पताल प्रबंधन को मशीनों और उपकरणों की नियमित देखरेख पर ध्यान देना चाहिए।