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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   World's longest Rohtang tunnel will be completed in December 2019

दिसंबर में तैयार होगी 11,500 फीट ऊंचाई पर स्थित विश्व की सबसे लंबी सुरंग

Wed, 09 Jan 2019 01:38 PM IST
Priyesh Mishra अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: Priyesh Mishra Updated Wed, 09 Jan 2019 01:38 PM IST
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World's longest Rohtang tunnel will be completed in December 2019

समुद्रतल से करीब साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर बन रही विश्व की सबसे लंबी रोहतांग सुरंग इसी साल बनकर तैयार हो जाएगी। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस टनल को दिसंबर, 2019 में यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

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पीरपंजाल की पहाड़ियों को भेदकर बन रही यह सुरंग जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के लोगों तथा भारतीय सेना के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 8.8 किमी लंबी सुरंग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
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निर्धारित लक्ष्य से पांच साल देरी से बनकर तैयार हो रही टनल की लागत भी 1400 करोड़ से बढ़कर 4000 करोड़ पहुंच चुकी है। टनल का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की देखरेख में एफकॉन-स्ट्राबॉग ज्वाइंट वेंचर कंपनी कर रही है।

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रिसाव काे रोकना सबसे बड़ी चुनौती

World's longest Rohtang tunnel will be completed in December 2019

रोहतांग टनल प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर एनएम चंद्रराणा ने बताया कि दिसंबर 2019 तक टनल बनकर तैयार होगी। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बने टनल के भीतर सेरी नाले से रिसाव हो रहे पानी को रोकने का इंतजाम किया जा रहा है।

ब्रिगेडियर चंद्रराणा ने बताया कि नॉर्थ पोर्टल की तरफ से टनल के आधे हिस्से तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अगर सेरी नाले से पानी का रिसाव नहीं होता तो पांच साल पहले ही निर्माण कार्य पूरा हो चुका होता।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के बावजूद कंपनी सेरी नाले के पानी पर काबू नहीं पा सकी है। हालांकि चर्चा थी कि फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरंग का उद्घाटन कर सकते हैं, लेकिन बीआरओ ने इस बात को खारिज कर दिया है।

सेरी नाला बनी बड़ी चुनौती  

World's longest Rohtang tunnel will be completed in December 2019

उल्लेखनीय है कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जून, 2010 में सुरंग की आधारशिला रखी थी और साल 2014 तक इसका कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। 

बर्फबारी, माइनस तापमान और हिमखंड जैसी कई चुनौतियों ने रोहतांग सुरंग निर्माण कंपनी और बीआरओ की अग्निपरीक्षा ली, लेकिन सेरी नाले का पानी सबसे बड़ी चुनौती बन कर सामने आया।

पीरपंजाल की पहाड़ियों के नीचे बन रही रोहतांग सुरंग के करीब 3500 फीट ऊपर सेरी नाला बहता है, जिसका 70 फीसदी पानी टनल के भीतर रिस रहा है। पिछले पांच साल से कंपनी और बीआरओ इस नाले से जंग लड़ रहे हैं, जिसमें अभी तक पूरी कामयाबी नहीं मिल पाई है।

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