यहां बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा सीएनजी स्टेशन
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13051 फीट की ऊंचाई। बर्फ से लकदक पहाड़ और शून्य से 4 डिग्री नीचे तापमान में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी। जी हां हम बात कर रहे हैं रोहतांग की। यहां बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा सीएनजी फिलिंग स्टेशन। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद अब हिमाचल सरकार ने रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने के लिए प्रारूप तैयार कर लिया है।
गौर हो कि रोहतांग में हो रहे पर्यावरण प्रदूषण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने संज्ञान लिया था। इस पर कार्रवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने रोहतांग के लिए डीजल और पेट्रोल वाहनों के जाने पर पाबंदी लगा दी है। अब एक दिन में सिर्फ एक हजार वाहन ही रोहतांग जा सकते हैं।
मंत्री बोले, 2016 तक तैयार होगा स्टेशन
30 नवंबर 2015 के बाद कोई भी डीजल और पेट्रोल वाहन रोहतांग नहीं जा पाएगा। ट्रिब्यूनल ने सरकार को आदेश दिए थे कि रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने की संभावना तलाशी जाए। बीते माह रोहतांग में सीएनजी बस का ट्रायल किया गया था जो कि सफल रहा। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लिए लोग इसी दर्रे से गुजरते हैं।
प्रदेश के परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि सरकार रोहतांग में सीएनजी स्टेशन बनाने की योजना बना रही है। 2016 में शुरू होने वाले टूरिस्ट सीजन तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड से जल्द बातचीत की जाएगी। वहीं एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन मनाली में भी बनाया जाएगा।
रोहतांग में इसलिए जरूरी है फिलिंग स्टेशन
बाली ने बताया कि रोहतांग में फिलिंग स्टेशन बनाना जरूरी है। आपात स्थिति में यदि कहीं वाहन से गैस लीक हो जाए तो सैलानी रोहतांग में फंसे रहेंगे। ऐसे में मनाली से यानी 55 किमी दूर जाकर गैस लानी होगी जो कि संभव नहीं है। सैलानियों और स्थानीय लोगों को दिक्कत ना हो इसलिए रोहतांग में फिलिंग स्टेशन बनाया जाएगा।
वहीं दिल्ली मेट्रा रेल कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि बताया कि हिमाचल को दो सीएनजी बसें दी जा रही हैं। ये बसें वशिष्ठ से रोहतांग के लिए चलेंगी। वहीं शुरू में सीएनजी का प्रबंध करने में कॉर्पोरेशन हिमाचल सरकार का सहयोग करेगी। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को आदेश दिए हैं कि वे एक माह तक इन दो बसों के लिए गैस की आपूर्ति अपने खर्चे पर करवाए।
सुनिश्चित किया जाए कि ये दोनों बसे रोजाना इस रूट पर चलें। वहीं ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी आदेश दिए हैं कि वे इस सारे मसले पर नजर रखें और इस प्रोजेक्ट के लिए वितीय तौर पर भी सहायता करे।