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Shimla News: एडवांस्ड स्टडी भवन को संवारने का काम शुरू, 50 करोड़ होंगे खर्च; सीमेंट का इस्तेमाल नहीं
Fri, 03 Jan 2025 04:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2025 04:00 PM IST
सार
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला के भवन को संवारने का कार्य शुरू हो गया है।
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भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला के भवन को संवारने का कार्य शुरू हो गया है। इस पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए केंद्र ने बजट मंजूर किया है। मार्च माह तक इस भवन के किचन वाले हिस्से का रेनोवेशन (नवीनीकरण) कार्य पूरा किया जाना है। इस पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से मुख्य भवन का कार्य शुरू होगा। इसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
इस कार्य को करने के लिए बनाई गई प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन कमेटी में चार अलग-अलग एजेंसी के एक्सपर्ट को शामिल किया है। इनमें ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की, सीपीडब्ल्यूडी के एक्सपर्ट और भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का प्रशासन शामिल है। इसी कमेटी की राय के बाद कार्य किए जा रहे हैं। दो साल पहले समरहिल की तरफ 14 अगस्त 2023 को हुए भूस्खलन से मुख्य भवन के सामने जमीन धंसने से परिसर को खतरा पैदा हो गया था। यहां भी डंगा लगाने का काम किया जा रहा है। यह कार्य अंतिम चरण में है।
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इस कार्य को करने के लिए बनाई गई प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन कमेटी में चार अलग-अलग एजेंसी के एक्सपर्ट को शामिल किया है। इनमें ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की, सीपीडब्ल्यूडी के एक्सपर्ट और भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का प्रशासन शामिल है। इसी कमेटी की राय के बाद कार्य किए जा रहे हैं। दो साल पहले समरहिल की तरफ 14 अगस्त 2023 को हुए भूस्खलन से मुख्य भवन के सामने जमीन धंसने से परिसर को खतरा पैदा हो गया था। यहां भी डंगा लगाने का काम किया जा रहा है। यह कार्य अंतिम चरण में है।
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वर्ष 1888 में बना यह भवन
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के सचिव मेहर चंद नेगी ने बताया कि 1888 में बने इस ऐतिहासिक भवन में 20 अक्तूबर 1965 में भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान को स्थापित किया था। इस धरोहर को उसी के मूल रूप में संवारने के लिए रेनोवेशन कार्य किया जा रहा है। इस पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इस भवन के रखरखाव के कार्य में वही सामग्री उपयोग की जा रही है, जिसे इसके निर्माण के समय में उपयोग किया था।
1965 में शुरू हुआ भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) के भवन में आजादी से पूर्व वायस रॉय भवन था। आजादी के बाद इसे राष्ट्रपति भवन बनाया गया है। 1965 में इसे भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के हवाले कर दिया। छह अक्तूबर 1964 को सोसायटी एक्ट 1860 के तहत भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान सोसायटी के रूप में पंजीकृत किया गया और 54 दिन बाद प्रो. राष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का उद्घाटन किया था। तब से लेकर यह संस्थान शोध अनुसंधान के साथ ज्ञान के खजाने के रूप में विकसित हुआ।
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के सचिव मेहर चंद नेगी ने बताया कि 1888 में बने इस ऐतिहासिक भवन में 20 अक्तूबर 1965 में भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान को स्थापित किया था। इस धरोहर को उसी के मूल रूप में संवारने के लिए रेनोवेशन कार्य किया जा रहा है। इस पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इस भवन के रखरखाव के कार्य में वही सामग्री उपयोग की जा रही है, जिसे इसके निर्माण के समय में उपयोग किया था।
1965 में शुरू हुआ भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) के भवन में आजादी से पूर्व वायस रॉय भवन था। आजादी के बाद इसे राष्ट्रपति भवन बनाया गया है। 1965 में इसे भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के हवाले कर दिया। छह अक्तूबर 1964 को सोसायटी एक्ट 1860 के तहत भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान सोसायटी के रूप में पंजीकृत किया गया और 54 दिन बाद प्रो. राष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का उद्घाटन किया था। तब से लेकर यह संस्थान शोध अनुसंधान के साथ ज्ञान के खजाने के रूप में विकसित हुआ।