घने जंगल में कराना पड़ा प्रसव, पत्नी हार गई हिम्मत तो पति ने..
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सड़क के अभाव में कई जिंदगियां खतरे में हैं। गर्भवती महिलाओं के आपात स्थिति में जंगल में प्रसव के सामने आ रहे मामलों से विकास के दावों की पोल खुल रही है। ताजा मामला हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के नौहराधार के ठुंडाड़ी गांव का है। गांव तक सड़क नहीं है। इस वजह से एक गर्भवती महिला का अस्पताल के बजाय बीच जंगल में प्रसव कराना पड़ा।
गनीमत रही कि समय रहते पहुंची 108 एंबुलेंस की टीम ने प्रसव को सफलतापूर्वक करा दिया। महिला ने बेटी को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों को बाद में अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर दोनों को घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार ठुंडाड़ी गांव की 23 वर्षीय रीता को बीती रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
करीब साढ़े पांच बजे तक वह पीड़ा सहन करती रही। पीड़ा असहनीय हुई तो उसके पति ने 5:37 बजे 108 एंबुलेंस से मदद मांगी। उन्होंने लोहानधार के लिए एंबुलेंस मंगवाई। 34 मिनट के भीतर एंबुलेंस लोहानधार पहुंच गई, लेकिन परिजन गर्भवती महिला को सड़क तक नहीं पहुंचा पाए थे।
हिम्मत हार गई महिला, पति ने कहा..
घने जंगल के बीच महिला हिम्मत हार गई। पति विनोद कुमार ने कर्मचारियों से जंगल में ही प्रसव करवाने का आग्रह किया। एमटी बलबीर सिंह और पायलट संजीव कुमार जंगल तक पैदल पहुंचे। 15 मिनट तक पैदल सफर करने के बाद उन्होंने महिला का सफल प्रसव करवा दिया।
महिला ने बेटी को जन्म दिया। परिजन खुशी-खुशी नन्हीं लक्ष्मी के साथ घर चले गए। ईएमटी विनोद ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया है।
जिला सिरमौर के दर्जनों गांव अभी भी सड़क से अछूते हैं। चुनावी बेला में नेताओं के चुनाव प्रचार में सड़कें ही सबसे बड़ा मुद्दा बनती हैं। जनता से हर बार लुभावने वायदे किए जाते हैं, लेकिन कई इलाके सड़कों से अछूते हैं।
विनोद कुमार ने बताया कि उनके गांव के लिए अभी तक सड़क नहीं बन पाई है। सड़क का निर्माण तो हो रहा है, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी है।