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जनजातीय नायकों के संघर्ष से करवाएंगे रूबरू : डीसी

Sat, 07 Nov 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2026 11:59 PM IST
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Will acquaint [people] with the struggles of tribal heroes: DC
जनजातीय गौरव दिवस पर कार्यशाला का आयोजन
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देश के इतिहास, संस्कृति को उचित सम्मान देना लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा।

जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में एक से 15 नवंबर तक प्रस्तावित कार्यक्रमों की कड़ी में शनिवार को उपायुक्त कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की गई। डीसी अनुपम कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उपायुक्त ने कहा कि जनजातीय नायकों के संघर्ष, बलिदान और योगदान से नई पीढ़ी को परिचित करवाना जरूरी है। जनजातीय गौरव दिवस मनाने का उद्देश्य केवल स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना ही नहीं, बल्कि देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समुदायों की भूमिका को उचित सम्मान देना भी है। जनजातीय समाज की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों, लोक कलाओं, भाषाओं और रीति-रिवाजों का संरक्षण भी आवश्यक है।
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उपायुक्त ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया था। भगवान बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के शोषणकारी तंत्र के खिलाफ संघर्ष कर जनजातीय समाज में स्वाभिमान, एकता और अधिकारों के प्रति चेतना जगाई थी। इनके नेतृत्व में हुआ उलगुलान आंदोलन जनजातीय समाज के साहस और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि डोडरा-क्वार जैसे दुर्गम क्षेत्रों की विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक जीवनशैली और लोक परंपराएं प्रदेश की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार समावेशी विकास के लिए जरूरी है। जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
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कार्यशाला में जनजातीय समुदायों के अधिकारों, परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही 15 नवंबर तक आयोजित होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिला योजना अधिकारी डॉ. निवेदिता सहित उपायुक्त कार्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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