फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Wife was brought to hospital for treatment, body found back

Shimla News: पत्नी को उपचार लिए लाए थे अस्पताल, वापस मिला शव

Thu, 04 Jun 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Wife was brought to hospital for treatment, body found back
राज्यपाल के समक्ष पति ने मामला उठा की जांच की मांग
विज्ञापन

अर्की अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान हुई थी सीमा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला सोलन के अर्की अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान हुई महिला मरीज की मौत का मामला राजभवन पहुंच गया है। सीमा शर्मा के पति हंस राज शर्मा और उनके परिजन वीरवार को राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिले और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पति हंसराज शर्मा ने कहा कि जिस पत्नी को वह उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए थे, उसका शव उन्हें वापस मिला।


परिजनों ने राज्यपाल से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करने की मांग उठाई। राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में परिवार ने बताया कि 41 वर्षीय सीमा शर्मा एक साधारण परिवार से संबंध रखती थीं। वह रोजमर्रा के घरेलू और खेतों के कार्य करती थीं। इन्हें 12 एमएम की पथरी की शिकायत थी। परिवार का कहना है कि चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। उन्हें विश्वास था कि यह एक सामान्य प्रक्रिया होगी और कुछ दिनों में वह स्वस्थ होकर घर लौट आएंगी लेकिन परिवार के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ गई। परिवार को स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि अस्पताल के भीतर क्या हुआ। बाद में सीमा शर्मा को आईजीएमसी शिमला भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें न तो कोई विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड दिया गया और न ही स्थिति की गंभीरता के बारे में अवगत कराया गया। परिवार ने राज्यपाल को बताया कि जब वह आईजीएमसी पहुंचे तो वहां उन्हें यह कहकर स्तब्ध कर दिया गया कि सीमा शर्मा की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आज तक परिवार को यह नहीं बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान आखिर ऐसा क्या हुआ जिससे उनकी पत्नी की जान चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बाद में उनसे पोस्टमार्टम न करवाने संबंधी लिखित बयान लिया गया। परिवार का कहना है कि उस समय वह सदमे में थे और परिस्थितियों को समझने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान सीमा शर्मा की पीठ पर नीले निशान दिखाई दिए, जिससे उनके मन में और अधिक संदेह पैदा हुआ। परिवार ने राज्यपाल से आग्रह किया कि मामले की जांच स्थानीय स्तर के बजाय स्वतंत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से करवाई जाए। उन्होंने मांग की कि जांच समिति में अर्की और सोलन के स्थानीय चिकित्सकों को शामिल न किया जाए, जिससे जांच की निष्पक्षता पर कोई प्रश्न न उठे। इसके साथ ही ऑपरेशन, उपचार और रेफरल प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं और यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article