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Shimla News: विवाह के लिए दबाव बनाया तो बिना बताए शिमला आ गई युवती
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वन स्टॉप सेंटर मशोबरा में काउंसलिंग के बाद परिवार के साथ वापस घर भेजी, अभी शादी न कराने का दिलाया भरोसा
19 साल की बेटी को पढ़ाई छोड़कर नहीं करनी थी शादी
एक्सक्लूसिव खबर
दीक्षा सरोय
शिमला। पढ़ाई छोड़कर जबरन शादी करने का दबाव बनाए जाने से परेशान दिल्ली की 19 वर्षीय युवती घर से निकलकर शिमला पहुंच गई। बिना किसी जान-पहचान के वह दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर शिमला के पहाड़ों में पहुंच गई।
यहां महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर के एक कर्मचारी ने समय रहते युवती को मशोबरा स्थित वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। वहां काउंसिलिंग के बाद उसे सुरक्षित उसके परिवार के साथ भेज दिया गया। दिल्ली की रहने वाली यह युवती नौ अक्तूबर को घर से निकलकर हिमाचल पहुंची थी। इसके बाद वह मनाली गई और 12 अक्तूबर को शिमला पहुंची। सोमवार सुबह शिमला में विधानसभा के पास वन स्टॉप सेंटर के एक कर्मचारी की नजर उस पर पड़ी। कर्मचारी ने उससे उसका नाम-पता पूछा और पूरी स्थिति समझने के बाद दोपहर में उसे वन स्टॉप सेंटर मशोबरा पहुंचाया। केंद्र में युवती को तत्काल सुरक्षित आश्रय, भोजन और काउंसिलिंग की सुविधा दी गई।
वहां तैनात काउंसलर ने उससे बातचीत कर पूरे मामले को समझा। युवती ने बताया कि वह इतनी जल्दी शादी नहीं करना चाहती थी, बल्कि आगे पढ़ाई करना चाहती थी। हालांकि, घरवाले उस पर शादी के लिए दबाव बना रहे थे। इस दौरान युवती लगातार परिवार से बात करने से मना करती रही। काउंसिलिंग के बाद उसने अपने पड़ोसियों का फोन नंबर दिया जिसके माध्यम से परिवार से संपर्क किया गया। इसके बाद युवती के परिजन उसे लेने केंद्र पहुंचे। वहां युवती और उसके परिवार की काउंसिलिंग की गई। परिजनों को समझाया गया कि युवती पर शादी के लिए दबाव न बनाया जाए। काउंसिलिंग के बाद परिवार ने युवती को आगे पढ़ने देने और शादी के लिए दबाव नहीं बनाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद 13 अक्तूबर को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवती को सुरक्षित उसके परिवार के साथ दिल्ली भेज दिया।
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मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध है वन स्टॉप सेंटर
सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा की प्रबंधक भावना कौशल ने कहा कि शिक्षा सभी का सांविधानिक अधिकार है, लेकिन आज भी बेटियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई बार कम उम्र में ही उन पर शादी का फैसला थोप दिया जाता है, जो उचित नहीं है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में केंद्र में आया, जिसमें युवती को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई गई। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं और बेटियों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहता है। किसी भी महिला को सहायता की आवश्यकता हो तो वह सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे केंद्र पहुंच सकती है। इसके अलावा, केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 0177-2740268 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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19 साल की बेटी को पढ़ाई छोड़कर नहीं करनी थी शादी
एक्सक्लूसिव खबर
दीक्षा सरोय
शिमला। पढ़ाई छोड़कर जबरन शादी करने का दबाव बनाए जाने से परेशान दिल्ली की 19 वर्षीय युवती घर से निकलकर शिमला पहुंच गई। बिना किसी जान-पहचान के वह दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर शिमला के पहाड़ों में पहुंच गई।
यहां महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर के एक कर्मचारी ने समय रहते युवती को मशोबरा स्थित वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। वहां काउंसिलिंग के बाद उसे सुरक्षित उसके परिवार के साथ भेज दिया गया। दिल्ली की रहने वाली यह युवती नौ अक्तूबर को घर से निकलकर हिमाचल पहुंची थी। इसके बाद वह मनाली गई और 12 अक्तूबर को शिमला पहुंची। सोमवार सुबह शिमला में विधानसभा के पास वन स्टॉप सेंटर के एक कर्मचारी की नजर उस पर पड़ी। कर्मचारी ने उससे उसका नाम-पता पूछा और पूरी स्थिति समझने के बाद दोपहर में उसे वन स्टॉप सेंटर मशोबरा पहुंचाया। केंद्र में युवती को तत्काल सुरक्षित आश्रय, भोजन और काउंसिलिंग की सुविधा दी गई।
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वहां तैनात काउंसलर ने उससे बातचीत कर पूरे मामले को समझा। युवती ने बताया कि वह इतनी जल्दी शादी नहीं करना चाहती थी, बल्कि आगे पढ़ाई करना चाहती थी। हालांकि, घरवाले उस पर शादी के लिए दबाव बना रहे थे। इस दौरान युवती लगातार परिवार से बात करने से मना करती रही। काउंसिलिंग के बाद उसने अपने पड़ोसियों का फोन नंबर दिया जिसके माध्यम से परिवार से संपर्क किया गया। इसके बाद युवती के परिजन उसे लेने केंद्र पहुंचे। वहां युवती और उसके परिवार की काउंसिलिंग की गई। परिजनों को समझाया गया कि युवती पर शादी के लिए दबाव न बनाया जाए। काउंसिलिंग के बाद परिवार ने युवती को आगे पढ़ने देने और शादी के लिए दबाव नहीं बनाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद 13 अक्तूबर को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवती को सुरक्षित उसके परिवार के साथ दिल्ली भेज दिया।
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मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध है वन स्टॉप सेंटर
सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा की प्रबंधक भावना कौशल ने कहा कि शिक्षा सभी का सांविधानिक अधिकार है, लेकिन आज भी बेटियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई बार कम उम्र में ही उन पर शादी का फैसला थोप दिया जाता है, जो उचित नहीं है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में केंद्र में आया, जिसमें युवती को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई गई। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं और बेटियों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहता है। किसी भी महिला को सहायता की आवश्यकता हो तो वह सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे केंद्र पहुंच सकती है। इसके अलावा, केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 0177-2740268 पर भी संपर्क किया जा सकता है।