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Shimla News: याददाश्त का कमजोर होना अल्जाइमर रोग का मुख्य लक्षण
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बुजुर्गों के लिए विकासनगर में आयोजित शिविर में डॉ. अर्चित शर्मा ने दी जानकारी
23 सितंबर से श्रवण जागरूकता सप्ताह भी चलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। याददाश्त का कमजोर होना अल्जाइमर रोग का मुख्य कारण है। शुरुआती लक्षणों में हाल की घटनाओं या बातचीत को याद रखने में कठिनाई होती है। बीमारी बढ़ने पर याददाश्त कमजोर हो जाती है। आईजीएमसी के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. अर्चित शर्मा ने बुजुर्गों को ये जानकारी दी।
जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विकासनगर में अल्जाइमर जागरूकता दिवस मनाया गया। शिविर में डॉ. अर्चित शर्मा ने बीमारी के लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह न्यूरोलॉजिकल बीमारी और बुजुर्ग अवस्था में यह बीमारी होती है। इस दौरान खास एहतियात बरतने की आवश्यक्ता है। स्वस्थ आहार, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम इससे बचाव के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि 23 सितंबर से श्रवण जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कान से खून बहने और दर्द रहने की शिकायत हो तो वह तुरंत नजदीकी केंद्रों में जाकर इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि अकसर देखा गया है कि हेड फोन का इस्तेमाल लोग ज्यादा करते है इस वजह से उनमें सुनने की क्षमता कम हो जाती है। इस अवसर पर बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच भी की गई।
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23 सितंबर से श्रवण जागरूकता सप्ताह भी चलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। याददाश्त का कमजोर होना अल्जाइमर रोग का मुख्य कारण है। शुरुआती लक्षणों में हाल की घटनाओं या बातचीत को याद रखने में कठिनाई होती है। बीमारी बढ़ने पर याददाश्त कमजोर हो जाती है। आईजीएमसी के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. अर्चित शर्मा ने बुजुर्गों को ये जानकारी दी।
जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विकासनगर में अल्जाइमर जागरूकता दिवस मनाया गया। शिविर में डॉ. अर्चित शर्मा ने बीमारी के लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह न्यूरोलॉजिकल बीमारी और बुजुर्ग अवस्था में यह बीमारी होती है। इस दौरान खास एहतियात बरतने की आवश्यक्ता है। स्वस्थ आहार, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम इससे बचाव के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि 23 सितंबर से श्रवण जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कान से खून बहने और दर्द रहने की शिकायत हो तो वह तुरंत नजदीकी केंद्रों में जाकर इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि अकसर देखा गया है कि हेड फोन का इस्तेमाल लोग ज्यादा करते है इस वजह से उनमें सुनने की क्षमता कम हो जाती है। इस अवसर पर बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच भी की गई।
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