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Shimla News: शिमला पहुंची विश्व बैंक की टीम, शहर में भी लोगों को मिलने लगा भरपूर पानी
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ढली में विश्व बैंक टीम और अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों के साथ पेयजल कंपनी के अधिकारियों ने की बैठक
आज शकरोड़ी जाएगी टीम, योजना का लेगी जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सतलुज पेयजल योजना का जायजा लेने के लिए विश्व बैंक की टीम मंगलवार को शिमला पहुंच गई है। इस टीम के साथ देश के चार राज्यों के नगर निगमों के महापौर और आयुक्त, विधायक समेत नेपाल और भूटान के प्रतिनिधि भी शिमला पहुंचे हैं।
वहीं, शहरवासियों के लिए राहत यह है कि सतलुज पेयजल योजना का पानी शिमला पहुंचने से मंगलवार से ही ज्यादातर इलाकों में नियमित आपूर्ति शुरू हो गई है। करीब दो महीने बाद शहर में भरपूर पानी मिला है। कंपनी का दावा है कि लोगों को विंटर सीजन के दौरान भी पानी की किल्लत नहीं रहेगी। ढली में मंगलवार दोपहर विश्व बैंक टीम के साथ पेयजल कंपनी के अधिकारियों ने बैठक की और योजना के कार्यान्वयन को लेकर जानकारी दी। इस मौके पर शहरी विधायक हरीश जनारथा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कहा कि शहर की जनता को नियमित आपूर्ति देना और इस योजना का सफल कार्यान्वयन सरकार की प्राथमिकता है। बतौर विशेष अतिथि शिरकत कर रहे महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल ने विश्व बैंक टीम का स्वागत किया। इसके बाद शाम के समय कर्नाटक के चार नगर निगमों में महापौर और विधायक ने ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन समेत मालरोड का भी दौरा किया। बुधवार को विश्व बैंक की टीम अन्य प्रतिनिधियों के साथ शकरोड़ी का दौरा करेगी। यहां सतलुज से कैसे शिमला के लिए पानी की आपूर्ति दी जा रही है, इसका जायजा लिया जाएगा।
सतलुज योजना को मिल सकती है एक्सटेंशन
राजधानी में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार की जा रही योजना को एक साल की एक्सटेंशन मिल सकती है। पेयजल कंपनी ने इस योजना को एक्सटेंशन देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। केंद्र से यह प्रस्ताव विश्व बैंक को भेजा जा रहा है। इस योजना को दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है लेकिन काम की रफ्तार सुस्त होने से कंपनी को एक्सटेंशन मांगनी पड़ी है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने मंगलवार को विश्व बैंक के अधिकारियों से भी बात की। कहा कि बैंक की ओर से एक्सटेंशन देने को लेकर सैद्धांतिक मंजूरी लगभग मिल गई है। अब आधिकारिक तौर पर मंजूरी का इंतजार है।
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आज शकरोड़ी जाएगी टीम, योजना का लेगी जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सतलुज पेयजल योजना का जायजा लेने के लिए विश्व बैंक की टीम मंगलवार को शिमला पहुंच गई है। इस टीम के साथ देश के चार राज्यों के नगर निगमों के महापौर और आयुक्त, विधायक समेत नेपाल और भूटान के प्रतिनिधि भी शिमला पहुंचे हैं।
वहीं, शहरवासियों के लिए राहत यह है कि सतलुज पेयजल योजना का पानी शिमला पहुंचने से मंगलवार से ही ज्यादातर इलाकों में नियमित आपूर्ति शुरू हो गई है। करीब दो महीने बाद शहर में भरपूर पानी मिला है। कंपनी का दावा है कि लोगों को विंटर सीजन के दौरान भी पानी की किल्लत नहीं रहेगी। ढली में मंगलवार दोपहर विश्व बैंक टीम के साथ पेयजल कंपनी के अधिकारियों ने बैठक की और योजना के कार्यान्वयन को लेकर जानकारी दी। इस मौके पर शहरी विधायक हरीश जनारथा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कहा कि शहर की जनता को नियमित आपूर्ति देना और इस योजना का सफल कार्यान्वयन सरकार की प्राथमिकता है। बतौर विशेष अतिथि शिरकत कर रहे महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल ने विश्व बैंक टीम का स्वागत किया। इसके बाद शाम के समय कर्नाटक के चार नगर निगमों में महापौर और विधायक ने ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन समेत मालरोड का भी दौरा किया। बुधवार को विश्व बैंक की टीम अन्य प्रतिनिधियों के साथ शकरोड़ी का दौरा करेगी। यहां सतलुज से कैसे शिमला के लिए पानी की आपूर्ति दी जा रही है, इसका जायजा लिया जाएगा।
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सतलुज योजना को मिल सकती है एक्सटेंशन
राजधानी में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार की जा रही योजना को एक साल की एक्सटेंशन मिल सकती है। पेयजल कंपनी ने इस योजना को एक्सटेंशन देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। केंद्र से यह प्रस्ताव विश्व बैंक को भेजा जा रहा है। इस योजना को दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है लेकिन काम की रफ्तार सुस्त होने से कंपनी को एक्सटेंशन मांगनी पड़ी है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने मंगलवार को विश्व बैंक के अधिकारियों से भी बात की। कहा कि बैंक की ओर से एक्सटेंशन देने को लेकर सैद्धांतिक मंजूरी लगभग मिल गई है। अब आधिकारिक तौर पर मंजूरी का इंतजार है।
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