पर्याप्त पानी की सप्लाई के बावजूद शहर फिर भी प्यासा
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सोमवार को कंपनी को करीब 46.72 एमएलडी पानी मिला जबकि मौजूदा समय में रोज सप्लाई देने के लिए 38 से 40 एमएलडी की जरूरत रहती है। लोग सवाल कर रहे हैं, पर्याप्त पानी आ रहा है तो रोज सप्लाई क्यों नहीं दी जा रही?
परियोजनाओं से शहर के लिए पानी की सप्लाई बढ़ने के बावजूद सेंट्रल जोन के कई इलाकों में सोमवार को पानी नहीं दिया गया। लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार, फिंगास्क और केएनएच के साथ लगते इलाके में पेयजल सप्लाई ठप रही। कंपनी का कहना है कि अब मंगलवार को इन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जाएगी।
राजधानी के न्यू शिमला क्षेत्र में कई पेयजल टैंकों के सैंपल फेल
शहर में कई टैंकों और सार्वजनिक नलों से लिए गए पानी के सैंपल फिर फेल हो गए हैं। न्यू शिमला इलाके के स्टोरेज टैंकों से लिए गए सैंपल सबसे ज्यादा खराब आए हैं। 13 जुलाई को सेक्टर तीन के ओल्ड टैंक से लिए गए पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। अब इस टैंक के दोबारा सैंपल भरे गए हैं। इसके अलावा सेक्टर तीन न्यू टैंक, सेक्टर चार और सेक्टर दो के टैंकों से लिए गए पेयजल सैंपल भी सही नहीं पाए गए हैं।
पेयजल कंपनी ने इनके दोबारा सैंपल भरने को कहा है। इन टैंकों से इस एरिया के हजारों लोगों को पानी की सप्लाई होती है। खलीनी के कालीमाता मंदिर भगवती नगर में लगे सार्वजनिक नल के सैंपल भी संदेहास्पद पाए गए हैं। पिछले हफ्ते भी इसके सैंपल जांच में फेल पाए गए थे। यूको बैंक ढली स्थित सार्वजनिक नल के सैंपल भी फेल पाए गए हैं। पेयजल कंपनी का कहना है कि परियोजनाओं में गाद आने के कारण भी कई बार सैंपल सही नहीं आते हैं। इसीलिए जिन जगहों के सैंपल सही नहीं आए हैं, वहां दोबारा सैंपल लिए जा रहे हैं। कंपनी ने लोगों को पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी है।