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Shimla News: पंपिंग स्टेशन-टैंक तैयार, मई तक शिमला पहुंच सकता है सतलुज का पानी
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खास खबर...
शकरोड़ी में सतलुज नदी के किनारे टैंक और पंपिंग स्टेशन भवन तैयार होने के बाद कंपनी ने पूणे से मंगवाए 18 पंप
कुल तीन पंपिंग स्टेशन पर लगने हैं आधुनिक पंप, दिवाली के बाद शिमला पहुंचेगी पंपिंग मशीनरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को अगले साल गर्मी के मौसम में पीने के पानी का संकट नहीं झेलना पड़ेगा। मई तक सतलुज नदी का पानी शिमला पहुंचाने की तैयारी है। शकरोड़ी में सतलुज नदी के किनारे पंपिंग स्टेशन भवन और टैंक तैयार होने के बाद कंपनी ने पंपिंग मशीनरी खरीदने का ऑर्डर दे दिया है।
पूणे से कुल 18 आधुनिक पंप इस परियोजना के लिए मंगवाए जा रहे हैं। दिवाली के बाद यह मशीनरी शिमला पहुंचने की उम्मीद है। अगले महीने से इन्हें स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा। ये सभी वर्तमान परियोजनाओं में लगे पंपों से ज्यादा पंपिंग क्षमता वाले पंप हैं जो रोजाना शिमला को 42 एमएलडी तक पानी पहुंचाएंगे। पेयजल कंपनी के अनुसार शकरोड़ी में पंपिंग स्टेशन के लिए भवन तैयार हो गया है। तीन बड़े टैंक भी बन गए हैं। अब पूणे से पंपिंग मशीनरी मंगाई जा रही है। जल्द ही इन पंप की जांच के लिए कंपनी की एक टीम भी पूणे रवाना होने वाली है। जांच के बाद इन्हें शिमला लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शिमला शहर को 24 घंटे पानी की सुविधा देने के लिए तैयार की जा रही सतलुज पेयजल परियोजना के तहत कुल तीन स्टेज पर पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। तीनों स्टेशनों पर 6-6 आधुनिक पंप लगाए जाएंगे। ये पंपिंग स्टेशन शकरोड़ी, दवाडा और डुम्मी में बनने हैं। इसके अलावा शकरोड़ी में पंपिंग स्टेशन तक रॉ वाटर यानि पानी पहुंचाने के लिए भी छह और पंप खरीदे जा रहे हैं। ये कम क्षमता के हैं।
पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा
इस परियोजना के तहत सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने के लिए कुल 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछनी है। इसका भी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ 400 मीटर लाइन बिछनी है जो दवाडा में बिछाई जा रही है। अगले दो माह में यह काम भी पूरा हो जाएगा। पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि पंपिंग मशीनरी खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूणे से 18 पंप मंगाए जा रहे हैं। दिवाली के बाद ये शिमला पहुंच जाएंगे।
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शिमला को मिलेगा 42 एमएलडी पानी
इस परियोजना से अगले साल तक शिमला शहर को 24 एमएलडी पानी की आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएगी। विश्व बैंक की इस परियोजना के तहत शिमला शहर की जनता को 24 घंटे पानी मिलना है। सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने की योजना का काम साईं फाउंडेशन कर रही है।
आंकड़ों में समझें प्रोजेक्ट
42 एमएलडी पानी सतलुज से रोज शिमला को मिलेगा
22 किमी लंबी पाइपलाइन शकरोड़ी से शिमला तक बिछ रही
18 कुल पंप लगने हैं इस परियोजना के तीन स्टेशनों पर
370 करोड़ खर्च हो रहे इस पानी को शिमला लाने पर
2.50 लाख आबादी है शिमला की जिसे रोज मिलेगा पानी
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शकरोड़ी में सतलुज नदी के किनारे टैंक और पंपिंग स्टेशन भवन तैयार होने के बाद कंपनी ने पूणे से मंगवाए 18 पंप
कुल तीन पंपिंग स्टेशन पर लगने हैं आधुनिक पंप, दिवाली के बाद शिमला पहुंचेगी पंपिंग मशीनरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को अगले साल गर्मी के मौसम में पीने के पानी का संकट नहीं झेलना पड़ेगा। मई तक सतलुज नदी का पानी शिमला पहुंचाने की तैयारी है। शकरोड़ी में सतलुज नदी के किनारे पंपिंग स्टेशन भवन और टैंक तैयार होने के बाद कंपनी ने पंपिंग मशीनरी खरीदने का ऑर्डर दे दिया है।
पूणे से कुल 18 आधुनिक पंप इस परियोजना के लिए मंगवाए जा रहे हैं। दिवाली के बाद यह मशीनरी शिमला पहुंचने की उम्मीद है। अगले महीने से इन्हें स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा। ये सभी वर्तमान परियोजनाओं में लगे पंपों से ज्यादा पंपिंग क्षमता वाले पंप हैं जो रोजाना शिमला को 42 एमएलडी तक पानी पहुंचाएंगे। पेयजल कंपनी के अनुसार शकरोड़ी में पंपिंग स्टेशन के लिए भवन तैयार हो गया है। तीन बड़े टैंक भी बन गए हैं। अब पूणे से पंपिंग मशीनरी मंगाई जा रही है। जल्द ही इन पंप की जांच के लिए कंपनी की एक टीम भी पूणे रवाना होने वाली है। जांच के बाद इन्हें शिमला लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शिमला शहर को 24 घंटे पानी की सुविधा देने के लिए तैयार की जा रही सतलुज पेयजल परियोजना के तहत कुल तीन स्टेज पर पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। तीनों स्टेशनों पर 6-6 आधुनिक पंप लगाए जाएंगे। ये पंपिंग स्टेशन शकरोड़ी, दवाडा और डुम्मी में बनने हैं। इसके अलावा शकरोड़ी में पंपिंग स्टेशन तक रॉ वाटर यानि पानी पहुंचाने के लिए भी छह और पंप खरीदे जा रहे हैं। ये कम क्षमता के हैं।
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पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा
इस परियोजना के तहत सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने के लिए कुल 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछनी है। इसका भी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ 400 मीटर लाइन बिछनी है जो दवाडा में बिछाई जा रही है। अगले दो माह में यह काम भी पूरा हो जाएगा। पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि पंपिंग मशीनरी खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूणे से 18 पंप मंगाए जा रहे हैं। दिवाली के बाद ये शिमला पहुंच जाएंगे।
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शिमला को मिलेगा 42 एमएलडी पानी
इस परियोजना से अगले साल तक शिमला शहर को 24 एमएलडी पानी की आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएगी। विश्व बैंक की इस परियोजना के तहत शिमला शहर की जनता को 24 घंटे पानी मिलना है। सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने की योजना का काम साईं फाउंडेशन कर रही है।
आंकड़ों में समझें प्रोजेक्ट
42 एमएलडी पानी सतलुज से रोज शिमला को मिलेगा
22 किमी लंबी पाइपलाइन शकरोड़ी से शिमला तक बिछ रही
18 कुल पंप लगने हैं इस परियोजना के तीन स्टेशनों पर
370 करोड़ खर्च हो रहे इस पानी को शिमला लाने पर
2.50 लाख आबादी है शिमला की जिसे रोज मिलेगा पानी