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शिमला में पेयजल सिस्टम ध्वस्त, पानी के लिए हाहाकार
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 01 Apr 2016 09:54 AM IST
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गर्मी का मौसम शुरू होते ही राजधानी के कई इलाके पानी को तरस गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी का मौसम शुरू होते ही राजधानी के कई इलाके पानी को तरस गए हैं। कहीं तीसरे तो कहीं चौथे दिन पानी की सप्लाई हो रही है। नगर निगम का शहर के लोगों को पीने के पानी देने का सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। तीसरे दिन भी शहर के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिला रहा। लोगों का सवाल है कि आखिर साफ पानी की आपूर्ति करने की जिम्मेदारी किसकी है?
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इससे पहले शहर के लोगों को पीने के पानी की आपूर्ति तीन बड़ी परियोजनाओं से होती थी। पहली अश्वनी, दूसरी गुम्मा और तीसरी गिरी। लेकिन चार महीने पहले अश्वनी परियोजना से गंदे पानी की सप्लाई होने के कारण आपूर्ति बंद कर दी थी। मौजूदा समय में सिर्फ दो ही परियोजनाओं से शहर के लोगों को पेयजल आपूर्ति हो रही है।
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विकासनगर, संजौली और टुटू में ज्यादा दिक्कत
शिमला शहर के साथ लगते उपनगर विकासनगर, खलीणी, बीयरखाना, न्यूशिमाला, टूटू, संजौली, मलयाणा के साथ लगते क्षेत्रों में पानी की समस्या दिन प्रति दिन गहराती ही जा रही है। लोअर खलीणी की सरिता देवी ने कहा कि उनके घर में कभी चौथे दिन और कभी पांचवें दिन पीने के लिए पानी आता है। बूंद बूंद करके पानी का इस्तेमाल करने पर भी पानी की कमी पूरी नहीं हो पा रही है।
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मल्याणा में पानी आने का कोई समय नहीं
साथ ही मलयाणा के प्रदीप कुमार ने कहना है कि पानी के आने का कोई समय नहीं है। कभी तीसरे दिन कभी चौथे दिन कभी पांचवें दिन पानी की सप्लाई आती है। पंथाघाटी की नीलम का कहना है कि चौथे, पांचवें दिन पानी की सप्लाई आती है। पानी समय पर न आने परिवार के बड़े सदस्य तो बिना नहाए रह जाते हैं। कभी कभी बच्चों को बिना नहलाए ही स्कूल भेजना पड़ता है।
टुटू के डा. ललित का कहना है कि साफ पानी नहीं है तो गंदा पानी ही दे दो। बीमार होने पर इलाज करा लेंगे मगर बिना पानी के तो ऐसे ही मर जाएंगे। बैमलोई के कैलाश का कहना है कि तीसरे, चौथे दिन पानी की सप्लाई आ रही है। पीने के लिए बाल्टियों में भरकर बैमलोई बावड़ी से पानी लाना पड़ रहा है।
कहां से आएगा 25 एमएलडी पानी
आंकड़ों के मुताबिक गर्मियों में शहर के लोगों को कम से कम 50 एमएलडी पीने के पानी की जरूरत होती है। लेकिन पर्यटन स्थल होने के कारण गर्मियों में हजारों की तादाद में पर्यटक भी शिमला आते हैं। इस समय पानी की खपत और बढ़ जाती है।
मौजूदा समय में शहर के लोगों को 40 एमएलडी पेयजल पानी की जरूरत है और आईपीएच विभाग एमसी को 25 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रहा है। इसके चलते एमसी लोगों को तीसरे दिन पानी की सप्लाई कर रहा है फिर भी लोगों को पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। लेकिन जैसे ही गर्मियां बढ़ेंगी, उस समय और 25 एमएलडी पानी कहां से आएगा?
नहीं हो पाया संपर्क
अमर उजाला ने शहर में पानी की किल्लत के बारे में नगर निगम शिमला के अधिकारियों से बात करने के लिए जब फोन किया तो उन के साथ संपर्क नहीं हो पाया।