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Shimla News: कार्टून के चित्रों से सजी बाल रोग वार्ड की दीवारें
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बच्चों को नहीं सताएगा इंजेक्शन का डर
आईजीएमसी प्रबंधन तैयार कर रहा मरीज-मित्र वातावरण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के बाल रोग वार्ड का नवीनीकरण किया गया है। कक्ष को बेहतर बनाने के साथ दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी और रंगीन सजावट की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कार्य पूरा किए जाने के बाद शिशुओं को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि वार्ड में ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिससे बच्चों में भय कम हो सके और उपचार के दौरान सकारात्मक माहौल बना रहे। वार्ड को तैयार करने के बाद मरीज-मित्र वातावरण भी उपलब्ध करवाया है। बीते दिनों अस्पताल के बी-ब्लॉक स्थित बाल रोग वार्ड में नवीनीकरण का कार्य शुरू किया गया था। विशेषकर बाल रोगियों के लिए वार्ड के वातावरण को अधिक आकर्षक, सकारात्मक एवं बाल-मित्र बनाया है। दीवारों पर कार्टून और छोटा भीम के चित्र बनाए हैं ताकि बच्चे यहां खुश रहें। यही नहीं बच्चों को इंजेक्शन का डर भी नहीं सताएगा।
अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि आधारभूत ढांचे में सुधार, स्वच्छता, मरीजों की सुविधाओं और वार्डों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। ऐसे में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सरकार के मार्गदर्शन में संस्थान का उद्देश्य केवल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि मरीजों के समग्र अनुभव एवं संतुष्टि में सुधार करना भी है। आगामी दिनों में भी आईजीएमसी में अन्य विकास कार्य जारी रहेंगे।
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आईजीएमसी प्रबंधन तैयार कर रहा मरीज-मित्र वातावरण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के बाल रोग वार्ड का नवीनीकरण किया गया है। कक्ष को बेहतर बनाने के साथ दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी और रंगीन सजावट की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कार्य पूरा किए जाने के बाद शिशुओं को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि वार्ड में ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिससे बच्चों में भय कम हो सके और उपचार के दौरान सकारात्मक माहौल बना रहे। वार्ड को तैयार करने के बाद मरीज-मित्र वातावरण भी उपलब्ध करवाया है। बीते दिनों अस्पताल के बी-ब्लॉक स्थित बाल रोग वार्ड में नवीनीकरण का कार्य शुरू किया गया था। विशेषकर बाल रोगियों के लिए वार्ड के वातावरण को अधिक आकर्षक, सकारात्मक एवं बाल-मित्र बनाया है। दीवारों पर कार्टून और छोटा भीम के चित्र बनाए हैं ताकि बच्चे यहां खुश रहें। यही नहीं बच्चों को इंजेक्शन का डर भी नहीं सताएगा।
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अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि आधारभूत ढांचे में सुधार, स्वच्छता, मरीजों की सुविधाओं और वार्डों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। ऐसे में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सरकार के मार्गदर्शन में संस्थान का उद्देश्य केवल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि मरीजों के समग्र अनुभव एवं संतुष्टि में सुधार करना भी है। आगामी दिनों में भी आईजीएमसी में अन्य विकास कार्य जारी रहेंगे।
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