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किन्नौर: अंगमो नेगी ने बिना आंखों की रोशनी नाप दिया देश का सबसे कठिन रास्ता, हाई एल्टीट्यूड मैराथन पूरी की

Sat, 29 Aug 2026 12:17 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर/काजा (लाहौल-स्पीति)।
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर/काजा (लाहौल-स्पीति)। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 29 Aug 2026 12:17 PM IST
सार

स्पीति की दुर्गम वादियों में आयोजित देश की सबसे कठिन 77 किलोमीटर की  हाई एल्टीट्यूड सूर्य स्पीति चैलेंज मैराथन सफलतापूर्वक पूरी की।  

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Visually impaired Angmo Negi completes the country's toughest 77-km high-altitude marathon.
दृष्टिबाधित अंगमो नेगी। - फोटो : संवाद

विस्तार

किन्नौर जिले के दुर्गम चांगों गांव की अंगमो नेगी ने बिना आंखों की रोशनी के देश का सबसे कठिन रास्ता नाप दिया। पिछले वर्ष 28 वर्ष की उम्र में माउंट एवरेस्ट फतह कर भारत की पहली दृष्टिबाधित महिला पर्वतारोही बनने वाली अंगमो ने अब देश की सबसे कठिन 77 किलोमीटर की हाई एल्टीट्यूड मैराथन भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। उन्होंने स्पीति घाटी की दुर्गम वादियों में आयोजित सूर्य स्पीति चैलेंज मैराथन में अपने जज्बे और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशन सद्भावना के तहत 28 अगस्त को कुंजुम टॉप से काजा तक इस मैराथन का आयोजन किया गया। समुद्र तल से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में आयोजित इस दौड़ में प्रतिभागियों को बर्फीले तूफान, पथरीले और दुर्गम रास्तों के साथ-साथ खड़ी चढ़ाई जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंगमो नेगी ने पूरी दौड़ सफलतापूर्वक पूरी की।

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महिला वर्ग में तेनजिन डोलमा प्रथम
मैराथन पूरी करने के बाद भारतीय सेना की ओर से उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अंगमो नेगी अपनी असाधारण क्षमता और साहस के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर देश में पहचान बनाई थी। अब हाई एल्टीट्यूड मैराथन पूरी कर उन्होंने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित की है। सूर्य स्पीति चैलेंज मैराथन में 1,500 से अधिक धावकों ने भाग लिया। इनमें करीब 800 स्थानीय लोग, 700 जवान और देशभर से आए 32 एलीट एथलीट शामिल रहे। महिला वर्ग में स्पीति घाटी की तेनजिन डोलमा ने पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 77 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण दौड़ करीब छह घंटे में पूरी की। वर्ष 2024 में भी तेनजिन ने 77 किलोमीटर स्पीति एवेंजर्स चैलेंज में महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल किया था। यह उनकी लगातार दूसरी बड़ी जीत है। पुरुष वर्ग में भारतीय सेना के नायक हेत राम चैंपियन बने।

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