जयराम अभी बालक, रास्ता भूल चुकी है सरकार : वीरभद्र
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सीएम के इर्द-गिर्द घूम रहे कुछ सलाहकार प्रदेश के विकास में बाधा बन रहे हैं। जयराम ठाकुर अगर जनता का भला चाहते हैं तो पहले इन सलाहकारों से बचना होगा।
उन्होंने तंज कसा कि जयराम ठाकुर अभी बालक हैं और वर्तमान सरकार रास्ता भटक चुकी है। अभी तो महज पांच माह हुए हैं, मंजिल बहुत दूर है। पांच साल का कार्यकाल एक लंबा अरसा होता है।
शुक्रवार को हमीरपुर परिधिगृह में पत्रकार वार्ता में वीरभद्र सिंह ने कहा कि विस चुनाव में गलत टिकट आवंटन से कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा। जिताऊ लोगों को नजरअंदाज किया गया।
पार्टी अध्यक्ष संविधान के अनुसार चुनकर आना चाहिए
बाहर से थोपने के बजाय पार्टी अध्यक्ष संविधान के अनुसार चुनकर आना चाहिए। जब सदस्यता होगी तो नए लोग आएंगे। नए लोगों को चुनने का मौका मिलेगा। पाटी में नई विचारधारा और नई ऊर्जा का संचार होगा।
चुनाव से नए लोगों के चुनने से गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर तक हलचल होगी। पुरानी गलतियों से सबक लेकर आने वाले समय में बेहतर कार्य करना होगा। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक आईडी लखनपाल, राजेंद्र राणा, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर और नरेश लखनपाल आदि मौजूद रहे।
भले मुख्यमंत्री बन जाए, लेकिन रहेगा तो सुक्खू : वीरभद्र
कांग्रेस में सुखविंद्र सिंह सुक्खू को आने वाले मुख्यमंत्री के रूप में देखे जाने के सवाल पर वीरभद्र बोले - भले वह मुख्यमंत्री बन जाए, लेकिन रहेगा तो सुक्खू ही। पार्टी में जिस तरह लड़ाई जारी है, वह पार्टी को आने वाले समय में जहन्नुम में ले जाएगी।
संगठन की मजबूती के लिए पार्टी से निष्कासित पदाधिकारियों को लोकसभा चुनाव से पहले वापस लेना चाहिए। साथ ही लोस चुनाव में प्रत्याशियों के नाम निर्धारित समय से पहले घोषित होने चाहिए।
अपना उत्तराधिकारी बनाने के सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा, राजनीति में कोई उत्तराधिकारी नहीं होता। उन्होंने कहा कि वे अब कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन अगर लोकसभा चुनाव में हाईकमान के आदेश मिलेंगे तो सोचा जाएगा।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की इस विस चुनाव में हार डिवाइन जस्टिस है। उन्होंने कहा कि पिता और पुत्र की साजिशों के कारण उन्हें दो बार कोर्ट में ट्रायल सहन करना पड़ा। सच्चाई के कारण हर बार कोर्ट से वह बरी भी हुए।