वीरभद्र ने राजभवन की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल, जानिए क्या है वजह
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजभवन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। दरअसल, खेल विधेयक रोके रखने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजभवन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
भाजपा सरकार की ओर से खेल विधेयक वापस लेने पर तीखा हमला बोलते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि विचारधारा विशेष से जुडे़ होने के कारण राज्यपाल ने संवैधानिक दायित्व नहीं निभाया।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा में पारित हुए खेल विधेयक को न तो शुरू में राज्यपाल कल्याण सिंह ने मंजूरी दी और न ही नए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ही इस मसले पर कोई निर्णय लिया। अब इसे वापस लिया जा रहा है।
बिल को वापस लेना गैरकानूनी और अनैतिक
वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस बिल को वापस लेना गैरकानूनी और अनैतिक है। मंगलवार को सदन से वाकआउट के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल विधानसभा में खेल विधेयक पारित करके राजभवन को भेजे हुए लंबा वक्त हो गया था।
शुरू में राज्यपाल कल्याण सिंह थे। पहले उन्होंने इस पर मंजूरी नहीं दी। बाद में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी इसे अपने पास अभी तक रोके रखा। अब इसे वापस लिया जा रहा है, जो कि गैर कानूनी है।
स्टोक्स को हॉकी इंडिया अध्यक्ष पद से हटाना गलत : वीरभद्र
वीरभद्र सिंह ने विद्या स्टोक्स को हॉकी इंडिया की हिमाचल इकाई के अध्यक्ष पद से हटाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर ने ऊना में बैठक करवाई। इसी में विद्या स्टोक्स को हटा दिया गया। ऐसा करके गलत किया गया है।