सोलन: वीरभद्र सिंह ने उठाया खर्च और डॉक्टर बन गईं अर्की की कविता
यह बात अर्की के जालंग गांव निवासी डॉ. कविता ने अमर उजाला से उन पलों को साझा करते हुए कही कि जब उनका परिवार मुश्किलों भरे दौर से गुजर रहा था। डॉ. कविता 2013 में एमबीबीएस में दाखिला लेना चाहती थी, लेकिन पैसे न होने के चलते उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
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लोगों के दिलों में अलग जगह बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ अर्की विस क्षेत्र का वह किस्सा भी जुड़ा है, जब उन्होंने एक गरीब परिवार की बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन कर उसे डॉक्टर बनने में मदद की। वीरभद्र सिंह ने उस समय हमारे परिवार को अपना आशीर्वाद नहीं दिया होता तो मेरा डॉक्टर बनने का सपना अधूरा ही रह जाता। यह बात अर्की के जालंग गांव निवासी डॉ. कविता ने अमर उजाला से उन पलों को साझा करते हुए कही कि जब उनका परिवार मुश्किलों भरे दौर से गुजर रहा था। डॉ. कविता 2013 में एमबीबीएस में दाखिला लेना चाहती थी, लेकिन पैसे न होने के चलते उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। कविता उन दिनों बीपीएल परिवार से संबंध रखती थीं।
कविता को किसी ने वीरभद्र सिंह से मिलने की सलाह दी और कहा कि आपकी हर समस्या का समाधान हो जाएगा। अगले ही दिन कविता पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह को उनके निवास स्थान हॉली लॉज मिलने चली गई और उन्हें आप बीती सुनाई। वीरभद्र सिंह कविता की बातें सुनकर भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि बेटा आप केवल पढ़ाई पर ध्यान दें। आपकी पढ़ाई और हॉस्टल के खर्च का इंतजाम कर दिया जाएगा। 2013 का वह दिन कविता के लिए यादगार बन गया और आज वह अर्की ब्लॉक के घनागुघाट में बतौर चिकित्सक तैनात हैं। आज वीरभद्र सिंह के निधन से कविता और उनका पूरा परिवार गमगीन है।