चार दिन के रिमांड के बाद वीरभद्र के एलआईसी एजेंट को जेल भेजा
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान को बुधवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चौहान को शुक्रवार को चंडीगढ़ में गिरफ्तार किया था। चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र के काले धन के करीब पांच करोड़ रुपये एलआईसी की बीमा पॉलिसी में निवेश करवाए।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने आनंद सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी ने चार दिन के रिमांड के बाद चौहान को कोर्ट में पेश किया था। ईडी ने कहा कि आनंद से अब पूछताछ की जरूरत नहीं है, इसलिए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए।
अदालत ने खारिज की चौहान की अर्जी
अदालत ने चौहान की वह अर्जी भी खारिज कर दी है, जिसमें उसने पूछताछ के दौरान अपने वकील के मौजूद रहने की अनुमति मांगी थी। आरोपी का आरोप था कि ईडी अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उससे मारपीट की। इसलिए उसके वकील को पूछताछ के दौरान मौजूद रहने की अनुमति दी जाए।
एलआईसी एजेंट चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी में करीब पांच करोड़ रुपये निवेश करवाया। जांच एजेंसी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी घोषित आय से अधिक थी। सीबीआई भी वीरभद्र के खिलाफ जांच कर रही है।