फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Village daughters and women are becoming entrepreneurs through Him Era Shop, know the success story

Mandi: हिम ईरा शॉप से गांव की बेटियां, महिलाएं बन रहीं उद्यमी, पढ़ें सफलता की कहानी

Sat, 07 Jun 2025 11:28 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, करसोग (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, करसोग (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Jun 2025 11:28 AM IST
विज्ञापन
Village daughters and women are becoming entrepreneurs through Him Era Shop, know the success story
हिम ईरा शॉप गांव की महिलाएं बनीं उद्यमी। - फोटो : संवाद

मंडी जिले के चुराग विकास खंड की ग्राम पंचायत सवा माहू के अंतर्गत दानवीर कर्ण श्री मूल माहूंनाग मंदिर के श्री चरणों में गांव की महिलाओं की ओर से दो वर्ष पूर्व शुरू हिम ईरा शॉप आज आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं। कभी वे केवल घर की चाहरदीवारी तक सीमित थीं, वहीं इस शॉप के माध्यम से 100 से अधिक महिलाएं पारंपरिक शिल्प और उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाकर सालाना एक निश्चित आय अर्जित कर रही हैं। माहूंनाग मंदिर के ठीक पास स्थित इस शॉप में 20 विभिन्न उत्पाद विक्री के लिए माैजूद हैं। इसमें बांस की टोकरियां, ऊनी जैकेट, देशी घी, हल्दी, राजमाह, मोटे अनाज के बीज, हाथ से बनी सजावटी वस्तुएं, अचार–मसाले आदि उपलब्ध हैं। प्रतिमाह यहां 25–30 हजार रुपये का कारोबार होता है, जिससे पूरे समूह की सामूहिक आमदनी बढ़कर दो लाख रुपये के करीब पहुंच चुकी है। हिम ईरा शॉप सिर्फ खरीद–फरोख्त का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति का जीवंत मंच बन चुका है।

विज्ञापन



आने वाले समय में हिम ईरा समूह ऑनलाइन मार्केटप्लेस से भी जुड़ने के प्रयास कर रहा है। इसके लिए समूह की महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का वर्कशॉप के माध्यम से प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है, ताकि हिम ईरा उत्पाद प्रदेश की सीमाओं से परे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक भी पहुंच सकें। समूह की प्रधान त्वारकू देवी का कहना है कि समूह भविष्य की योजना पर भी कार्य कर रहा हैं। महिलाओं की ओर से बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, उत्पादों को एकरूप लेबल और आकर्षक पैकेटिंग देना हैं। इसके अलावा ऑनलाइन विस्तार, ई–कॉमर्स पोर्टल पर स्टोर खोलना, सोशल मीडिया प्रचार और गांव में ही कारीगरों को नई तकनीक, डिजाइन व गुणवत्ता नियंत्रण की ट्रेनिंग देने आदि की योजना पर भी समूह कार्य कर रहा हैं। समूह की सदस्य पवना ठाकुर कहा कि पहले हम घर की दहलीज भी नहीं पार करती थीं, आज खुद अपना उत्पाद बेचते हैं और स्वयं को सशक्त महसूस करते हैं। इससे हमें काफी अच्छा मुनाफा मिल रहा हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed