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Vikramaditya Singh: आपदा के समय राजनीति करने की नहीं कोई मंशा, प्रदेश गंभीर स्थिति से गुजर रहा
Mon, 28 Aug 2023 07:37 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 28 Aug 2023 07:37 PM IST
सार
प्रदेश बहुत ही गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। दुख की बात यह है कि कोई भी जिला नहीं है जहां पर व्यक्तिगत और सरकारी तौर पर कोई नुकसान नहीं हुआ हो।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश बहुत ही गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। दुख की बात यह है कि कोई भी जिला नहीं है जहां पर व्यक्तिगत और सरकारी तौर पर कोई नुकसान नहीं हुआ हो। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को हर जिले में नुकसान का जायजा लेने का जिम्मा सौंपा है। उपायुक्त बिलासपुर से जिले में हुए नुकसान का जायजा लिया। अब तक डेढ़ करोड़ रुपये प्रभावितों को बांटा जा चुका है। अभी बाकी की रिपोर्ट बन रही है। बरसात से हुए नुकसान का जायजा लेने बिलासपुर पहुंचे लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य ने कहा कि यह एक आपदा का समय है। हम इसमें न कोई राजनीति करना चाहते हैं और न किसी को करने देंगे।
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प्रदेश सरकार ही नहीं लोग भी अब इस विषय पर सोचने लगे हैं कि प्रदेश में 10 हजार करोड़ का नुकसान होने और 300 के करीब लोगों की मौत के बाद भी इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित क्यों नहीं किया गया। यह एक बहुत बड़ा प्रश्न है। भुज में भूकंप और केदारनाथ में आई आपदा को राष्ट्रीय घोषित किया जा सकता है तो इस आपदा को क्यों नहीं? भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश से भाजपा के प्रतिनिधि जयराम ठाकुर को पूरी मजबूती के साथ इस आपदा को राष्ट्रीय घोषित करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठानी चाहिए।
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हिमाचल को राष्ट्रीय आपदा के तहत एक अतिरिक्त पैकेज कम से कम हजार करोड़ रुपये जारी करना चाहिए ताकि प्रदेश के लोगों को राहत मिल सके। विक्रमादित्य ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में हो रहे अवैध खनन के मुद्दे को भी उठाया था। जिस पर सीएम ने गंभीरता दिखाई और कार्रवाई भी की। इस आपदा का बड़ा कारण यह भी है कि प्रदेश की अधिकतर सड़कों के किनारे कलवर्ट और पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं बनी हैं। लोग अपने घरों के पास कलवर्ट और नालियां बनने नहीं देते हैं। इस कारण बरसात के पानी को निकलने की जगह नहीं मिलती और नुकसान होता है। कहा कि बरसात के बाद सभी सड़कों का ब्योरा लेंगे और कलवर्ट और नालियां बनाने के लिए बजट जारी करेंगे।
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राम का नारा लगाकर नहीं, रामराज्य बनाकर प्रदेश के हितों की रक्षा
इससे पहले उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, यह समय हिमाचल में राजनीति का नहीं भाईचारे का है।
कंधे से कंधा मिलाकर हिमाचल को इस आपदा से बाहर निकालने का है। उन्होंने आगे लिखा कि केवल श्रीराम का नारा लगाकर नहीं, बल्कि हिमाचल को राम राज्य बनाकर ही प्रदेश के हितों की रक्षा की जा सकती है।
प्रदेश की सड़कों के लिए 2643 करोड़ का पैकेज देने के लिए जताया आभार
लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए प्रदेश को 2643 करोड़ रुपये का पैकेज देने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। कहा कि यह पैकेज प्रदेश को तब मिला है जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।