सत्ता में रहते वीरभद्र ने वेतन-भत्तों पर खर्चे 111 करोड़ : मनकोटिया
वर्ष 2013 से 2017 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वेतन-भत्तों पर सरकार ने 111 करोड़ रुपये लुटा दिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान हेलिकाप्टर का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए भी किया, जिसमें दिल्ली की परिवार सहित उड़ानें ज्यादा हैं। यह बात पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
मनकोटिया कांग्रेस से मंत्री रह चुके हैं। पिछला विधानसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी।मनकोटिया ने कहा कि विधायकों-मंत्रियों के बढ़ाए यात्रा भत्तों पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जहां यह कह रहे हैं अधिकतर भत्ता राशि लैप्स हो जाती है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर तो तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2013 से 2017 तक पांच साल में 111 करोड़ 74 लाख 28,110 रुपये मात्र यात्राओं और भत्तों पर ही खर्च कर डाले थे।
यही नहीं, वीरभद्र सिंह ने हेलीकाप्टर का अधिक इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए किया। मनकोटिया ने कहा कि आरटीआई से हासिल जानकारी से खुलासा हुआ है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 में मात्र नौ माह में ही हेलीकाप्टर पवनहंस पर 13,43,94,202 रुपये खर्च किए और यह सारे बिल तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पास किए। ऐसे में अब मुख्यमंत्री जयराम कह रहे हैं कि अधिकतर भत्तों का पैसा लैप्स हो जाता है।
पसंदीदा उम्मीदवार हुआ तो करेंगे समर्थन
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह श्वेतपत्र जारी कर बताएं कि पिछले दस साल में मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और अफसरशाही ने यात्रा भत्तों पर कितना खर्च किया है। मनकोटिया ने कहा कि वर्तमान सरकार का पौने दो साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है और आज भी सरकार कर्ज और केंद्र की सहायता से चल रही है। प्रदेश में आने वाला राजस्व बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि सरकार शराब के ठेकों और उसका जो राजस्व आता है, उससे चल रही है। पूर्व मंत्री विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि वह धर्मशाला में होने वाले उपचुनाव में मैदान में नहीं उतरेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी धर्मशाला उपचुनाव में उनकी पसंद का उम्मीदवार उतारती है, तो वह उसका भरपूर समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे नहीं, बल्कि चुनाव लड़ाएंगे।