कुर्सी गंवा बैठे मनकोटिया, सीएम वीरभद्र के खिलाफ बयान देना पड़ा महंगा
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हिमाचल सरकार ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया को पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। प्रदेश सरकार ने वीरवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना को वापस ले लिया है।
मनकोटिया को शांता कुमार का समर्थन और सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ बयान देना महंगा पड़ा है। मनकोटिया का कहना है कि शुक्रवार को शिमला में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे। वह वीरभद्र सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोल सकते हैं।
वीरभद्र सिंह की पूर्व सरकार में मंत्री रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया को 19 मई 2014 को हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया था। मनकोटिया का वीरभद्र सिंह के साथ पहले से ही 36 का आंकड़ा रहा है। हालांकि, वर्ष 2012 में विस चुनाव से पहले दोनों में सुलह हो गई थी।
शांता का समर्थन और वीरभद्र के खिलाफ बयान देना पड़ा महंगा
सूत्रों के अनुसार मनकोटिया ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुएउनके खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी। भाजपा के सांसद और वरिष्ठ नेता शांता कुमार के एक बयान का भी उन्होंने समर्थन किया था। शांता कुमार ने कहा था कि जमानत पर बैठा हुआ आदमी सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने की बात कर रहा है।
इसके अलावा मनकोटिया ने हिमाचल कांग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं होने की बात भी कही थी। इसी को आधार बनाते हुए मनकोटिया को पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में फिर घमासान मच सकता है।
वीरवार को भी दफ्तर में बैठे रहे मनकोटिया
पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बावजूद मेजर विजय सिंह मनकोटिया वीरवार को राज्य सचिवालय में आर्म्सडेल स्थित कार्यालय में बैठे रहे। वे इस फैसले पर अपनी जवाबी कार्रवाई की रणनीति बनाते रहे।