181 सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों की आई शामत
विजिलेंस ब्यूरो ने विभिन्न विभागों में तैनात 181 सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ संबंधित विभागों से जांच की मंजूरी मांगी है। ब्यूरो की ओर से यह कदम केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद उठाया गया है।
संशोधन के चलते अब किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस को जांच से पहले संबंधित विभाग से सरकार के जरिये अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके चलते हिमाचल में जिन अफसरों के खिलाफ जांचें चल रही थीं, उन पर ब्रेक लग गया था। अब उनके खिलाफ जांच को आगे जारी रखने के लिए संबंधित विभागों से अनुमति लेने के लिए पत्र लिखा गया है।
अभी तक विजिलेंस ब्यूरो को किसी भी जांच के लिए सिर्फ सरकार से अनुमति लेनी होती थी। प्रारंभिक जांच के बाद वह मामला दर्ज करने के लिए भी सरकार से अनुमति लेती थी। लेकिन अब सरकार के बजाय संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विभाग से यह मंजूरी लेनी होगी।
चूंकि विभागों में तैनाती के दौरान उनके कथित भ्रष्टाचारी कार्यों पर कभी कार्रवाई नहीं होती थी। जिसकी वजह से बाहरी एजेंसियां या आम लोग शिकायत कर विजिलेंस जांच कराते थे।
लेकिन अब अगर विभाग इनकार कर देता हैं तो कर्मचारी-अधिकारी के खिलाफ चल रही जांच ब्यूरो को बंद करनी पड़ जाएगी। साथ ही नई जांच करने से पहले भी विभाग की मंजूरी लेनी जरूरी होगी।