डेढ़ दर्जन अफसरों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, ये है मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैर हिमाचली लोगों को प्रदेश में जमीन खरीदने के लिए प्रदेश सरकार के हिमाचल प्रदेश लैंड टेनेंसी एक्ट के तहत जरूरी धारा 118 की अनुमति लेने में हुए भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस बड़ा कदम उठाने जा रहा है। ब्यूरो ने मामले की अब तक की छानबीन के बाद करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी कर लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए कहा है।
ब्यूरो ने यह कवायद उनके दिए बयानों और सच्चाई में अंतर को पकड़ने के लिए की है। सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा मामले में कुछ लोगों के वायस सैंपल भी लिए जाएंगे ताकि जांच में मिली रिकार्डिंग की आवाजों का मिलान किया जा सके।
118 के तहत मंजूरी देने के एवज में घूस लेने के कथित मामले में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट को 25 मई को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। यही नहीं जांच में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी भी की थी। कोर्ट की फटकार के बाद ब्यूरो ने मामले में नए सिरे से जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार अब तक दो दर्जन लोगों के बयान लिए जा चुके हैं। जबकि डेढ़ दर्जन को लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इन नोटिसों का जिन लोगों ने रिप्लाई कर दिया है उन्हें शिमला स्थित एफएसएल लैब में टेस्ट के लिए बारी-बारी से भेजा जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि जो लोग नोटिसों का जवाब नहीं दे रहे हैं, उनके खिलाफ अब विजिलेंस गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर रही है। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि जिस कथित रिकार्डिंग के आधार पर जांच की जा रही है उसमें 10 से ज्यादा लोगों के नाम सीधे तौर पर सामने आए हैं।
जिनपर ब्यूरो अपना शिकंजा कसता जा रहा है। ऐसे में अगर जांच ऐसी ही बढ़ी तो पूर्व मुख्य सचिव समेत कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों कर्मचारियों व कुछ आम लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय हैं।