फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Vidhansabha passes Himachal Pradesh University Amendment Bill 2014.

पढ़िए, सरकार ने कैसे कतरे एचपीयू के 'पर'

Sat, 13 Dec 2014 08:58 AM IST
Updated Sat, 13 Dec 2014 08:58 AM IST
विज्ञापन
Vidhansabha passes Himachal Pradesh University Amendment Bill 2014.

भाजपा के विरोध के बावजूद हिमाचल विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2014 विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। इससे नई भर्तियों, भर्ती नियमों और अन्य वित्तीय मामलों में फैसला लेने के विश्वविद्यालय के अधिकार सीमित हो गए। इस संशोधन से विवि में वित्त कमेटी कार्यकारी परिषद यानी ईसी से भी ताकतवर होने जा रही है और वित्त या शिक्षा सचिवों के प्रतिनिधियों को ईसी की बैठक में आने से कुलपति भी नहीं रोक सकेंगे।

विज्ञापन


हालांकि, विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साफ किया कि ऐसी कई घटनाएं हुई हैं कि वित्त सचिव के प्रतिनिधि को ईसी की बैठक में बैठने नहीं दिया गया और बैठक में लिए गए फैसलों के कारण सरकार पर करोड़ों का बोझ पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रदेश विवि की स्वायत्तता के पक्षधर हैं और अकादमिक मसलों पर सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। इस संशोधन से विवि अधिनियम की धारा 21 और 28 में संशोधन किया गया है।
विज्ञापन

भाजपा के विरोध के बावजूद विवि संशोधन विधेयक पारित

Vidhansabha passes Himachal Pradesh University Amendment Bill 2014.

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि इससे पहले धारा 35ए भी कांग्रेस सरकार ने लाई थी, जिससे विवि की स्वायत्तता पर असर पड़ा था। ईसी का बाकायदा एजेंडा सर्कुलेट होता है। सचिवों के प्रतिनिधि तो पहले भी बैठक में जाते रहे हैं। इसलिए इस पर विचार के लिए इसे विधानसभा सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाए। शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इस संशोधन से विवि की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और वित्त कमेटी ईसी से भी सुप्रीम हो जाएगी।

क्योंकि वित्त कमेटी की मंजूरी के बिना मसले ईसी में नहीं लाए जा सकेंगे। भारद्वाज ने कहा कि वित्त कमेटी की बैठकें तो पहले भी फाइनेंस सेक्रेटरी के कमरे में होती रही हैं। नए संशोधन के बाद विवि भी अब सचिवालय से ही चलेगा। पूर्व शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान ने भी विरोध किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed