Cyber Crime: साइबर अपराध के लिए नए-नए लुभावने तरीके अपना रहे शातिर, ऐसे कर रहे लोगों से ठगी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह नेगी ने कहा है कि आजकल साइबर अपराधी विद्यार्थियों और हर उम्र के लोगों को फंसाने के लिए नए-नए लुभावने तरीकों को अपना रहे हैं। अपने जाल में फंसाकर साइबर ठग पैसों की ठगी करते हैं।
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साइबर क्राइम पुलिस शिमला ने साइबर ठगी से बचने के लिए अंजान लिंक और वीडियो कॉल से दूर रहने की हिदायत दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह नेगी ने कहा है कि आजकल साइबर अपराधी विद्यार्थियों और हर उम्र के लोगों को फंसाने के लिए नए-नए लुभावने तरीकों को अपना रहे हैं। अपने जाल में फंसाकर साइबर ठग पैसों की ठगी करते हैं। राज्य गुप्तचर विभाग साइबर क्राइम के टोल फ्री नंबर 1930 पर हिमाचल की जनता से विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड के संबंध में 14,304 फोन कॉल दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों का निवारण साइबर क्राइम के तीन थानों शिमला, मंडी और कांगडा की ओर से किया जा रहा है। साइबर क्राइम पुलिस शिमला ने जनहित में बताया है कि साइबर अपराधी मोबाइल एप्लीकेशन बना रहे हैं और लोन देने और पैसों को संचित करने के लिए लुभावने प्रलोभन दे रहे हैं। लोग भी बिना सोचे समझे इन लुभावने प्रलोभन के झांसे में आकर ठगी के शिकार हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त आजकल साइबर अपराधी देश के विभिन्न राज्यों एवं हिमाचल प्रदेश के बहुत सारे लोगों के मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप नंबर पर उनके लिए विदेश से भेजे गए पार्सल के बारे में बताते हैं। पार्सल के अंदर कई तरह की वस्तुएं होने का जिक्र किया जाता है। कहा जाता है कि इस पार्सल के अंदर मादक पदार्थ है और आपके खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगे जाते हैं। साइबर क्राइम शिमला ने अपील की है कि इस तरह के अपराधों का प्रचलन बढ़ रहा है, जिससे जनता को सावधान रहने की जरूरत है। छात्रों से भी आग्रह किया गया है कि वे ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के प्रलोभन में बिल्कुल न आएं और किसी भी साइबर अपराध होने पर इसकी शिकायत अपने नजदीकी थाना या साइबर क्राइम थाना शिमला, मंडी और कांगड़ा में दर्ज करवा सकते हैं।