किसान आंदोलन से सब्जियों की कीमतों में उछाल, सरकार ने बुलाई बैठक
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किसान आंदोलन के बीच सब्जियों की कीमतों मेें हल्का उछाल जारी है। इससे लोग परेशान हैं। हालांकि, कुछ जिलों में वेरका को छोड़कर पंजाब से अन्य कंपनियों का दूध आ रहा है।
इस वजह से दूध की आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है। कुछ क्षेत्रों में तो दूध और दही की आपूर्ति भी बाधित चल रही है। राजधानी शिमला में सब्जियों की कीमतों में ज्यादा फर्क नहीं आया है। दूध की आपूर्ति सवेरे प्रभावित रही, मगर दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई।
मंडी जिले में सब्जियों की कीमतों में उछाल जारी है, जबकि स्थानीय स्तर पर उगाई गईं सब्जियां भी मार्केट में काफी हैं। सिरमौर जिले के कालाअंब में कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी हुई है। चंबा मेें किसानों के आंदोलन से जिला में टमाटर और प्याज के दामों में हल्का उछाल आया है।
यहां बाहरी राज्यों से सब्जियों की गाड़ियां नहीं पहुंच रही
ऊना के लिए पंजाब से सिर्फ वेरका दूध की आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि अन्य कंपनियों की सप्लाई सुचारु है। सब्जी विक्रेताओं ने सब्जियों के दाम बढ़ा दिए हैं। बिलासपुर में बाहरी राज्यों से सब्जियों की गाड़ियां नहीं पहुंच रही हैं।
दूध भी दुकानों में नहीं मिल रहा है। जिला कुल्लू में सब्जी मंडियों में फलों की खेप नहीं पहुंच रही है। शिमला मिर्च 30 रुपये से बढ़कर 80 रुपये किलो पहुंच गई है। जिला हमीरपुर में चौथे दिन भी पंजाब से सब्जियों की सप्लाई नहीं आई। कुछ सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। लोग सब्जियों की खरीदारी कम कर रहे हैं।
सरकार ने बुलाई बैठक, स्थिति नियंत्रित करने के निर्देश
किसान आंदोलन से हिमाचल प्रदेश में सब्जियों, दूध आदि की आपूर्ति कितनी प्रभावित हुई है? इसके लिए प्रधान सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ओंकार शर्मा ने मंगलवार को बैठक ली। इसमें पूरे प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की गई।
निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मदन चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहे। मदन चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्थिति सामान्य है। पंजाब के निकटवर्ती होने के कारण ऊना में इसका असर थोड़ा-बहुत असर रहा है।
सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे दुकानदारों को मनमर्जी न करने दें। कई बार यह भी हो सकता है कि दुकानदार अपने स्तर पर ही सब्जियों के दाम में उछाल लाते हैं जबकि आपूर्ति में कोई कमी नहीं होती है।