स्कूलों में बदलेगा छुट्टियों का शेड्यूल, इस दिन होगी बैठक
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प्रदेश के ग्रीष्मकालीन सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है। 23 मार्च को उच्च शिक्षा निदेशालय में विभिन्न शिक्षक संगठनों सहित जिला उपनिदेशकों को बैठक के लिए बुलाया गया है।
निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में छुट्टियों के नए शेड्यूल को लेकर चर्चा की जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2019-20 से पहली बार अप्रैल महीने में दी जाने वाली दस दिनों की छुट्टियों के आदेश को लागू करने से पहले ही निदेशालय ने संशोधित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
अप्रैल महीने में दी जाने वाली दस दिनों की छुट्टियों में कटौती कर आधी छुट्टियों को बरसात के दौरान देने की योजना है। इसी कड़ी में सुझाव और आपत्तियों के लिए बैठक बुलाई गई है।
इस साल जनवरी में निदेशालय ने आदेश जारी कर ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले सरकारी स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2019-20 से जनवरी महीने में सर्दियों की दस दिनों की छुट्टियां नहीं देने का एलान किया था।
विधायक प्राथमिकता बैठक में मामला उठने के बाद सरकार ने छुट्टियों में बदलाव किया। नए शैक्षणिक सत्र में पहली अप्रैल से 10 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन स्कूलों में दस दिनों की बसंत की छुट्टियों देने का सरकार ने फैसला लिया था।
छुट्टियों में बदलाव करने का यह है तर्क
अब इन आदेशों को संशोधित किया जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत अप्रैल में सिर्फ पांच दिन की छुट्टियां दी जाएंगी। शेष पांच छुट्टियों को बरसात की छुट्टियों में शामिल किया जाएगा।
हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर के सभी स्कूलों सहित कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और चंबा जिला के कुछ क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन स्कूल हैं। छुट्टियों में बदलाव करने की तैयारी में जुटे उच्च शिक्षा निदेशालय ने तर्क दिया है कि अप्रैल के पहले हफ्ते में दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के पेपर चैक किए जाते हैं।
कई शिक्षकों की इसमें ड्यूटी लगती है। अगर पहली से दस अप्रैल तक छुट्टियां रहेंगी तो पेपर चैक करवाने में दिक्कत पेश आएगी। इस कारण छुट्टियों को कम किया जा रहा है। इसके अलावा बरसात के सीजन में कई बार स्कूल बंद करने पड़ते है। ऐसे में इस स्थिति से निपटने के लिए बरसात की छुट्टियां बढ़ाई जानी चाहिए।