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सीएम को लिखा पत्र: ऑनलाइन दस्तावेज नहीं मान रहा उत्तराखंड प्रशासन, हो रहे चालान

Sun, 24 Apr 2022 06:40 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 24 Apr 2022 06:40 PM IST
सार

उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही परिवहन विभाग और पुलिस कर्मी टैक्सी चालकों से हार्ड कॉपी मांगना शुरू कर देते हैं। टैक्सी चालक यदि डीजी लॉकर या एम परिवहन एप पर दस्तावेज दिखाने की बात करें तो भी चालान किए जा रहे हैं।

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uttarakhand administration demands hard copy of documents from taxi drivers of himachal Pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वाहनों के दस्तावेजों की हार्ड कॉपी गाड़ी में रखने की बाध्यता खत्म कर भारत सरकार ने डीजी लॉकर और एम परिवहन एप पर दस्तावेज रखने की छूट दी है, लेकिन शिमला से उत्तराखंड जा रही टैक्सियों के चालकों से हार्ड कॉपी न दिखाने पर चालान किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में शिमला से रोजाना टैक्सियां स्थानीय लोगों और सैलानियों को लेकर हरिद्वार और देहरादून सहित अन्य शहरों के लिए रवाना होती हैं।

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उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही परिवहन विभाग और पुलिस कर्मी टैक्सी चालकों से हार्ड कॉपी मांगना शुरू कर देते हैं। टैक्सी चालक यदि डीजी लॉकर या एम परिवहन एप पर दस्तावेज दिखाने की बात करें तो भी चालान किए जा रहे हैं। देवभूमि आल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और परिवहन सचिव को पत्र लिखकर समस्या के समाधान का आग्रह किया है। 
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एसोसिएशन के संयोजक नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने गाड़ी के दस्तावेज ऑनलाइन माध्यम से साथ रखने की सुविधा उपलब्ध करवाई है। हिमाचल, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में जहां भी गाड़ियों का निरीक्षण होता है, मोबाइल पर दस्तावेज मान्य होते हैं, लेकिन उत्तराखंड में समस्या पेश आ रही है। टैक्सी चालक अगर मोबाइल एप पर दस्तावेज दिखाने की बात करें तो अधिकारी कहते हैं हमारे पास यह सुविधा नहीं है।
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उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही टैक्सियों को रोक दिया जाता है। दस्तावेजों के निरीक्षण के नामों पर घंटों टैक्सियों को रोक कर रखते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे को उत्तराखंड सरकार के समक्ष उठाकर समस्या से राहत दिलाने का आग्रह किया है।

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