चरस के बाद सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल में धंस रही युवा पीढ़ी
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चरस तस्करी के लिए बदनाम कुल्लू घाटी अब सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल में धंसती जा रही है। जिले में साल दर साल हेरोइन तस्करी और सेवन के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस में दर्ज मामले पिछले चार साल में साढ़े पांच गुना हो गए हैं। हेरोइन तस्करी के पकड़े गए ज्यादातर मामलों में युवा गिरफ्तार हुए हैं।
वर्ष 2015 में जिले में नौ केसों में 36 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। 2016 में 15 केसों में 174 ग्राम हेरोइन के साथ 15 लोग, 2017 में जिला के विभिन्न पुलिस थानों में 14 मामले दर्ज किए और एक किलो 894 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। इसमें पुलिस ने दिल्ली से एक विदेशी को करीब डेढ़ किलो हेरोइन के साथ दबोचा था, लेकिन 2018 में दर्ज हुए मामलों का आंकड़ा बढ़कर 49 पहुंच गया।
पुलिस ने इस साल 62 लोगों को गिरफ्तार कर करीब एक किलो हेरोइन पकड़ी है। हैरत की बात है कि पुलिस ने पिछले माह एक युवती को हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़ा था। 2018 में हेरोइन के साथ पकड़े गए 62 लोगों में 90 फीसदी युवा शामिल हैं।
दिल्ली से लाई जा रही खेप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हेरोइन दिल्ली से लाई जा रही है। दिल्ली से या तो वोल्वो के जरिये कुल्लू पहुंच रही है या फिर युवक-युवतियां दिल्ली से खरीदकर ला रहे हैं। बताया जाता है कि दिल्ली में हेरोइन आसानी से ऑटो चालकों के माध्यम से मिल रही है।
पुलिस अधीक्षक कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में युवा वर्ग आ रहा है। पुलिस जांच में हेरोइन तस्करी के मामलों का कनेक्शन दिल्ली पाया गया है। कहा कि पुलिस नशे के खात्मे के लिए न केवल नाकाबंदी व गश्त कर रही, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए सहभागिता आपकी और हमारी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।