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यूएसए, फिनलैंड और जापान के स्कूलों की तर्ज पर पढ़ेंगे विद्यार्थी

Sun, 08 Mar 2020 01:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर पंकज सलारिया, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
पंकज सलारिया, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 08 Mar 2020 01:25 PM IST
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USA, Finland and Japan education system will be adopted in Himachal Pradesh Govt schools
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विद्यार्थी अब यूएसए, फिनलैंड और जापान की शिक्षा पद्वति से पढ़ाई करेंगे। प्रशासन और प्रारंभिक शिक्षा विभाग चंबा के संयुक्त प्रयासों से यह पहल होने जा रही है। जिला प्रशासन को यह प्रेजेंटेशन शिक्षा विभाग के अफसरों ने दी है। इसके बाद प्रशासन ने भी इस पर सहमति जाहिर की है और संभव तरीकों को प्राथमिकता देने के लिए कहा है।

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इन देशों में पढ़ाई का अलग-अलग तरीका है। जहां क्लास रूम से लेकर प्राथमिक शिक्षा से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक अलग अलग व्यवस्था है। इन तीनों देशों की शिक्षा पद्वति पर प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पूरी स्टडी की है। हालांकि इनमें से कुछ ही तरीकों से बच्चों को पढ़ाया जा सकता है, जबकि अन्य तरीकों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी सामने आ सकती है।
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फिनलैंड की बात करें तो यहां गरीब और अमीर बच्चों के लिए एक ही स्कूल है। जहां पहली से लेकर छठी तक एक ही अध्यापक बच्चों को पढ़ाता है। हिमाचल में गरीबों के लिए सरकारी और संपन्न परिवारों के लिए निजी स्कूलों का प्रावधान है। अध्यापकों का स्थानांतरण होता रहता है।
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फिनलैंड में कमजोर बच्चों में सुधार के लिए स्कूलों में एक्सपर्ट बुलाए जाते है। जमा एक और दो की परीक्षा नहीं बल्कि असेस्मेंट की जाती है। जापान की बात करें तो यहां 99 प्रतिशत स्कूल सरकारी है। हर स्कूल में स्विमिंग पूल, जिमनास्टिक, बच्चों की जिम्मेवारी स्कूल के हेड टीचर की रहती है। यहां लंच सेंटर की भी व्यवस्था रहती है।


प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा फौजा सिंह ने बताया कि यूएसए, फिनलैंड और जापान में पढ़ाई पद्वति पर प्रेजेंटेशन तैयार की गई है। इसे उपायुक्त के समक्ष पेश किया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र से इसी तरह से पढ़ाई शुरू करवाने बारे प्रयास किए जा रहे हैं।

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