Himachal: कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के गरामोड़ टोल प्लाजा पर हंगामा, पांच घंटे फ्री रखा टोल
टोल प्लाजा कंपनी के अधिकारियों की ओर से स्थानीय कर्मचारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और उसे नौकरी से हटाने के विरोध में स्टाफ भड़क गया।
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर स्थित गरामोड़ टोल प्लाजा पर गुरुवार को एक बार फिर हंगामा हो गया। टोल प्लाजा कंपनी के अधिकारियों की ओर से स्थानीय कर्मचारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और उसे नौकरी से हटाने के विरोध में स्टाफ भड़क गया। रोष में आए कर्मियों ने सुबह ही काम बंद कर दिया और टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
करीब पांच घंटे चले बवाल के बाद पुलिस, ट्रक यूनियन और निहंग सिखों की मध्यस्थता से मामला शांत हुआ। टोल कर्मियों ने आरोप लगाया कि सुबह कंपनी के कुछ उच्च अधिकारियों ने पहले तो ड्यूटी पर तैनात स्थानीय कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज किया।
इसके बाद एक कर्मचारी के साथ मारपीट करते हुए उसे तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया। स्थानीय युवाओं को जानबूझकर निशाना बनाए जाने से गुस्साए सभी कर्मचारी एकजुट हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनके साथी कर्मचारी को ससम्मान काम पर वापस नहीं रखा जाता, तब तक टोल प्लाजा फ्री रहेगा और कोई भी कर्मी ड्यूटी पर नहीं लौटेगा। ट्रक ऑपरेटर यूनियन कीरतपुर साहिब के प्रधान बलबीर सिंह साथियों के साथ पहुंचे और कर्मचारियों के धरने में शामिल हो गए। प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोपहर बाद स्थिति तनावपूर्ण होती देख कीरतपुर साहिब के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद कीरतपुर ट्रक यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह, एक निहंग सिख जत्थेदार और टोल कंपनी के उच्च अधिकारियों के बीच बैठक हुई। घंटों चली बातचीत में कंपनी प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि हटाए गए कर्मचारी की बहाली और अन्य समस्याओं पर सकारात्मक विचार करेंगे। इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना धरना आगामी मंगलवार तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे टोल प्लाजा पर स्थिति सामान्य हो सकी और टोल टैक्स की वसूली दोबारा शुरू की गई।
भीषण गर्मी में परेशान हुई पर्यटक और स्थानीय लोग
वहीं पंजाब और अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश आ रहे पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। भीषण गर्मी के मौसम में वाहनों के पहिये थमने से बच्चे और बुजुर्ग बेहाल नजर आए। स्थानीय जनता ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि चूंकि यह फोरलेन केंद्र सरकार के अधीन है। इसलिए न तो केंद्र इसके स्थायी समाधान पर विचार कर रही है, न ही पंजाब व हिमाचल सरकार इस ओर ध्यान दे रही है।
कर्मचारी को बहाल नहीं किया तो उग्र आंदोलन
टोल कंपनी के अधिकारियों का रवैया पूरी तरह तानाशाही और गुंडागर्दी वाला है। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर निकाला जा रहा है। अगर मंगलवार तक हमारे साथी कर्मचारी को वापस काम पर नहीं लिया गया, तो टोल प्लाजा पर इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू होगा।-बलबीर सिंह, प्रधान, ट्रक ऑपरेटर यूनियन, कीरतपुर साहिब