Hamirpur News: पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त मोर्चा का किया गठन
मोर्चे के गठन का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों व अन्य रैंक के लिए वन रैंक वन पेंशन-2 में विसंगतियों तथा अन्य भेदभाव को दूर करना है। मोर्चे का चेयरमैन कैप्टन जगदीश वर्मा को बनाया गया है, जबकि रमेश कुमार को महासचिव चुना गया।
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अधिकारी वर्ग के नीचे के सभी रैंकों के पूर्व सैनिकों ने इकट्ठे होकर संयुक्त मोर्चा ऑफ हिमाचल प्रदेश का गठन किया। इस मोर्चे के गठन का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों व अन्य रैंक के लिए वन रैंक वन पेंशन-2 में विसंगतियों तथा अन्य भेदभाव को दूर करना है। मोर्चे का चेयरमैन कैप्टन जगदीश वर्मा को बनाया गया है, जबकि रमेश कुमार को महासचिव चुना गया। हाल ही में सरकार के रक्षा मंत्रालय की ओर से निकाले गए पेंशन टेबल में सिपाही से लेकर हवलदार रैंक तक पेंशन में मामूली वृद्धि की गई है। वहीं, नायब सूबेदार से ऑनरेरी कैप्टन तक की पेंशन में कटौती कर दी गई है।
सरकार की ओर से जारी 23000 करोड़ रुपये में से 90 फीसदी राशि सिर्फ मेजर से लेकर लेफ्टिनेंट जनरल तक के अधिकारियों को दे दी गई है। इसका हम कड़ा विरोध करते हैं। सरकार को तीन मार्च 2023 को सभी 12 जिलों के उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजेंगे। कमेटी की बैठक में जिले की कार्यकारिणियों का भी गठन कर दिया गया, ताकि आगे भी इस भेदभाव पूर्ण रवैये के बारे में आवाज उठाई जा सके। इसके साथ यह कमेटी हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिक व वीर नारियों से संबंधित कल्याणकारी कार्यों को भी एकजुट होकर आगे बढ़ाएगी, जिनकी आजतक अनदेखी होती आ रही है। कार्यकारिणी में कुल 24 पूर्व सैनिकों को जगह दी गई है। जिसमें नौ उपाध्यक्ष शामिल हैं।
कार्यकारिणी में इन्हें मिली जगह
कार्यकारिणी में जगदीश चंद वर्मा को अध्यक्ष, जेएस पटियाल, पवन कुमार चौहान, जगमोहन तोमर, बीआर शर्मा, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, खेवा राम, हेतराम, राकेश कुमार ठाकुर, एसपी शर्मा को उपाध्यक्ष, रमेश कुमार को महासचिव, एके शर्मा को सहायक सचिव, आरएल चौहान को कार्यालय एवं वित्तीय सचिव, संजीव कुमार, बृजेश कतना को प्रेस सचिव, खूब राम शर्मा को कानूनी सलाहकार, देवेंद्र सिंह चौहान को मुख्य सलाहकार, अमृत लाल को सलाहकार, नानक चंद को संगठन सचिव, श्याम लाल शर्मा को वरिष्ठ समन्वयक, सुरेश कुमार को समन्वयक, सीएन पठानिया को वरिष्ठ कनवीनर, रमेश चंद और दलजीत सिंह को कनवीनर चुना गया।
प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को योजनाबद्ध तरीके से नौकरियों पर वापस ले
प्रदेशभर में विभिन्न विभागों से निकाले आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से उन्हें योजनाबद्ध तरीके से नौकरियों पर वापस लेने, न्यूनतम वेतन देने और उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश राणा, जिला अध्यक्ष ललित शर्मा, सचिव विजय, उपप्रधान रीता कुमारी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रीना ठाकुर ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जिले में 1850 कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए। वहीं, इनकी देखभाल के लिए 19 आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती की गई। इन्हें 31 मार्च 2023 से सेवा मुक्त कर दिया जाएगा।
इतना ही नहीं हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन शिमला में तैनात चार कर्मचारियों, नीति आयोग के तहत आकांक्षी जिला में तैनात किए गए 39 कर्मचारियों (28 स्टाफ नर्स और 11 लैब टेक्नीशियन शामिल) को 31 दिसंबर 2022 को सेवामुक्त कर दिया गया। इतना ही नहीं वैश्विक महामारी में तैनात 12 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकालने के बाद अब तक उन्हें मेहनताना तक नहीं मिल पाया है। बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत 75 कर्मचारियों समेत वन विभाग में कार्यरत 5 कनिष्ठ अभियंताओं को 31 मार्च 2023 को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ किया जा रहा यह सौतेला व्यवहार कदापि न्यायोचित नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को नौकरी से न निकाला जाए और जो निकाले गए हैं उनको दोबारा रखा जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान देने के साथ-साथ स्थायी पॉलिसी का निर्माण किया जाए।