हिमाचल में कौशल विकास के लिए 512 करोड़ का करार
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हिमाचल में कौशल विकास के लिए 512 करोड़ का करार हुआ है। हिमाचल प्रदेश में तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण (टीवीईटी) संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार ने एशियन विकास बैंक के साथ करार किया है।
नई दिल्ली में सरकार की ओर से 80 मिलियन डॉलर यानी 512 करोड़ रुपये के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। कुल 640 करोड़ की इस परियोजना के 2022 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
65 हजार युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
512 करोड़ रुपये के ऋण में से राज्य सरकार को 90 प्रतिशत अनुदान के रूप में प्राप्त होंगे। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 2022 तक हिमाचल प्रदेश के लगभग 65 हजार युवाओं को राष्ट्रीय कौशल प्रमाणन
मानकों के अनुसार रोजगार प्रदान करने वाले विशेष प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। यह परियोजना राज्य में विभिन्न स्तरों पर आधारभूत संस्थागत संस्थानों को स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।
इसके अंतर्गत महिलाओं के लिए एक पालीटेकिभनक, छह सिटी आजीविका सेंटर व सात ग्रामीण आजीविका केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 10 रोजगार एक्सचेंजों को मॉडल कैरियर केन्द्रों के रूप में स्तरोन्नत किया जाएगा।
बताया कि ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन व आतिथ्य सत्कार, बैंकिंग व वित्त सेवाओं तथा स्वास्थ्य देखभाल संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके तहत अल्पावधि व लंबी अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए धन उपलब्ध करवाया जाएगा।