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Shimla: विधानसभा घेराव को पहुंचे बेरोजगार शारीरिक शिक्षक, पुलिस से धक्का-मुक्की

Wed, 28 Aug 2024 07:24 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 28 Aug 2024 07:24 PM IST
सार

बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। 

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Unemployed physical teachers raised their voice outside Himachal Vidhansabha
बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद

विस्तार

पिछले एक माह से शारीरिक शिक्षकों के रिक्त और स्वीकृत पद प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षकों से भरे जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने बुधवार को चौड़ा मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान में पुलिस की ओर से की गई बैरिकेडिंग को पार करने का प्रयास किया। उन्हें रोकते समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की हुई। इसमें युवा बेरोजगार शारीरिक संघ की तीन महिला पदाधिकारी रमा, श्रेया और समीक्षा के अलावा कुछ अन्य को चोटें आई हैं।

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करीब सवा बारह बजे हुए इस उग्र प्रदर्शन में बीस मिनट तक जमकर नारेबाजी, धक्का-मुक्की का दौर चला। बैरिकेडिंग पार न कर पाने पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रमेश राजपूत, नरेश कौशल, ईश्वर दास, राजेंद्र कुमार, पवन नेगी, राकेश शर्मा, नरेश शर्मा, पितांबर राणा, संदीप घई, पूनम ठाकुर और शशि ठाकुर की अगुवाई में एक बजे तक धरना-प्रदर्शन किया। रमेश राजपूत ने कहा कि पूर्व भाजपा की जयराम सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत 870 और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 228 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया जो अटकी है, उसे तुरंत शुरू किया जाए। इसी मांग को लेकर पिछले एक माह से प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त हजारों युवा रोजगार की उम्मीद में बैठे हैं। रिक्त और स्वीकृत पद होने के बावजूद रोजगार पाने का उनसे मौका छीना जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग उठाते हुए चेताया कि जब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व और वर्तमान दोनों सरकारों ने ही शारीरिक शिक्षकों की मांगों को अनदेखा किया है। उन्होंने कहा कि सात साल में 14 बार प्रदेश में सत्तासीन रही सरकारों से मांग लगातार उठाई जा रही है। प्रदर्शन में बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों के परिजन भी शामिल रहे।
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बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों के प्रदर्शन के बाद संघ के अध्यक्ष डॉ. रमेश राजपूत की अगुवाई में संघ का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से विधानसभा परिसर में मिला और उन्हें मांगपत्र सौंपा। मुख्यमंत्री से उन्हें भरोसा मिला कि नवंबर तक शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पर डाॅ. रमेश ने कहा कि संघ अपनी इस मांग को लेकर आंदोलन को जारी रखेगा, जब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि सैकड़ों साथी प्रशिक्षण प्राप्त होने के बावजूद स्थायी रोजगार की आस में 40 साल की आयु पार कर चुके हैं। उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है।

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