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HPCU के पैसे का बना दिया मजाक, UGC की रिपोर्ट में बड़े गोलमाल का खुलासा

Sat, 25 Nov 2017 12:10 PM IST
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sat, 25 Nov 2017 12:10 PM IST
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UGC report Financial irregularities in central university of himachal pradesh

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पैसे को अफसर और कर्मचारी क्या मजाक समझ रहे हैं। यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेश पर यूजीसी की जांच रिपोर्ट में सीयू प्रशासन की कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।

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पूर्व वित्त अधिकारी बीआर धीमान ने अपने कार्यकाल के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को केंद्रीय विवि में वित्तीय अनियमितताएं होने की शिकायत की थी। इसके बाद मंत्रालय ने यूजीसी को केंद्रीय विवि में जांच करने के लिए कहा था। यूजीसी ने आरोपों की जांच की और कार्रवाई के लिए सीयू प्रशासन को लिखा।
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इसके बाद कैग के ऑडिट में भी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं और कुछ अफसरों तथा कर्मचारियों से रिकवरी के आदेश सीयू प्रशासन को जारी हुए। पूर्व वित्त अधिकारी ने यूजीसी की जांच रिपोर्ट और कैग रिपोर्ट के दस्तावेज आरटीआई के माध्यम से लिए हैं।
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जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सीयू प्रशासन के एक अफसर ने जुलाई 2014 में बिना वैधित कारणों के एक ऐसी फर्म से फ्रंकिंग मशीन खरीदी जो केंद्रीय विजिलेंस आयोग के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध थी।

दो कर्मियों की गलत तनख्वाह निर्धारित

UGC report Financial irregularities in central university of himachal pradesh

सबसे कम रेट देने वाली फर्म को नजरअंदाज कर दूसरी फर्म से मशीन खरीदी गई। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सीयू प्रशासन ने दो कर्मचारियों की गलत तनख्वाह निर्धारित कर दी।

जांच टीम ने सीयू प्रशासन को कर्मचारियों से रिकवरी के आदेश दिए हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में सामने आया कि एक सेक्शन अधिकारी को नियमों के विपरीत प्रमोशन दे दी गई।

पदोन्नति के लिए तीन वर्ष का कार्यकाल होना जरूरी था, लेकिन एक वर्ष के भीतर ही कर्मचारी को सहायक कुलसचिव बना दिया गया। कर्मचारी सीयू का स्थायी कर्मचारी भी नहीं था।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एक अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर 5.8 लाख और 55.42 लाख रुपये के चेक हस्ताक्षर कर दिए। जांच टीम ने अधिकारी के व्यवहार को संदेहास्पद बताया है।

अधिकारी ने गलत तरीके से दे दिए ठेके

UGC report Financial irregularities in central university of himachal pradesh
केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी कुलदीप अग्निहोत्री - फोटो : File Photo

एक अधिकारी पर ठेकेदारों को लाखों रुपये के ठेके देने में भी वित्तीय अनियमितताओं का दोषी ठहराया है। जांच टीम ने 50.91 लाख और 80.42 लाख रुपये की अदायगी निकाली है, जिसकी रिकवरी करने को कहा गया है।

इसके अलावा एक अधिकारी की ओर से कई और वित्तीय अनियमितताओं को भी उजागर किया गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी कुलदीप अग्निहोत्री ने कहा कि उनके ध्यान में जो भी अनियमितता आती है उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। विवि प्रबंधन के बारे में कोई भी आरटीआई से सूचना ले सकता है।

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