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यूजी छात्रों की परीक्षा करवाने या प्रमोट करने पर फैसला नहीं ले पाई सरकार
Fri, 28 Aug 2020 05:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 28 Aug 2020 05:25 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
वार्षिक प्रणाली के तहत स्नातक डिग्री कोर्स कर रहे हजारों विद्यार्थियों के लिए सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई है। इनके पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाएं होंगी या सीधे अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा, अभी तक इस पर भी कोई निर्णय नहीं हो पाया है। हालांकि, शिक्षा विभाग का कार्यभार संभाल चुके शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस पर जल्द फैसला लेने की बात जरूर कही थी।
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ऐसे में प्रदेश के करीब 70 हजार विद्यार्थी इस पर निर्णय आने का इंतजार कर रहे हैं। बिना पिछली परीक्षा दिए वे अगली कक्षा में रोलऑन आधार पर प्रवेश लेकर ऑनलाइन कक्षाएं लगाना भी शुरू हो गए हैं, लेकिन उन्हें यही मालूम नहीं है कि उनका पिछला परिणाम क्या होगा। यदि सरकार पिछली परफॉर्मेंस आधार पर छात्रों को प्रमोट करने का निर्णय लेती है तो पिछला आकलन कर प्रोमोशन के लिए सर्वमान्य तरीका निकालना पड़ेगा। असेसमेंट के लिए तरीका या नियम बनेगा।
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यदि अंतिम सेमेस्टर की तरह परीक्षाएं करवाने का फैसला लिया गया तो इन परीक्षाओं की तैयारी को भी कम से कम एक से डेढ़ माह का समय लगना तय है। छात्र संगठनों में एसएफआई और एनएसयूआई छात्रों को प्रमोट करने के पक्षधर रहे हैं। प्रदेश विवि के प्रवक्ता की मानें तो सरकार ही परीक्षा करवाने या छात्रों को प्रमोट करने पर फैसला देगी, उसके मुताबिक ही विवि इंतजाम करेगा।
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