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दाखिले में गड़बड़ी पर शूलिनी विवि को पौने दो लाख जुर्माना
Wed, 27 Mar 2019 11:24 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 27 Mar 2019 11:24 AM IST
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बीटेक में दाखिले के लिए न्यूनतम अंक की शर्त पूरी न होने के बावजूद एक छात्र को दाखिला देने पर सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय पर 1.77 लाख रुपये जुर्माना किया। राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने यह कार्रवाई करते हुए विवि प्रबंधन को संबंधित छात्र से वसूली फीस भी लौटाने के निर्देश दिए। साल 2017-18 में जमा दो कक्षा में 52.2 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र को बीटेक में दाखिला देने के मामले में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने यह कार्रवाई की।
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आयोग के मुताबिक बीटेक सिविल इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए जमा दो में 55 प्रतिशत और एससी/एसटी वर्ग के लिए कम से कम 50 फीसदी अंकों की शर्त थी, लेकिन विवि ने 52.2 प्रतिशत अंक वाले छात्र को दाखिला देते हुए उससे 88 हजार 800 रुपये की फीस ले ली। आयोग के समक्ष इस मामले का ब्योरा पहुंचने पर इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि गलत तरीके से दाखिला देने पर शूलिनी विवि पर वसूली फीस का दोगुना जुर्माना किया है। विवि ने जुर्माना राशि जमा करवा दी है।
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आयोग के सदस्य पर दाखिले की सिफारिश का आरोप
निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के समक्ष शूलिनी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि आयोग के एक सदस्य की सिफारिश पर छात्र को दाखिला दिया। विवि प्रबंधन के इस स्पष्टीकरण पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. केके कटोच ने संबंधित सदस्य से जवाबतलबी का फैसला लिया है।
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