सुकमा हमले में शहीद हुए हिमाचल के दो जांबाज, अंतिम दर्शनों को उमड़ा सैलाब
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छतीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में हिमाचल के दो जांबाज भी शहीद हुए हैं। इनमें मंडी के सपूत सुरेंद्र ठाकुर और पालमपुर के एएसआई संजय कुमार ने नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहादत पाई। दोनों के अंतिम दर्शनों के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया।
हमले में शहीद हुए एएसआई संजय कुमार का चचियां (नगरी) के शमशान घाट में मंगलवार शाम को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद संजय कुमार का पार्थिव शरीर करीब पौने छह बजे उनके गांव चचियां पहुंचा। पार्थिव देह जैसे ही घर में पहुंची कि सारा माहौल गमगीन हो गया।
शहीद की दोनों बेटियां, पत्नी और माता-पिता अपने लाड़ले को देख बेसुध से हो गए। मौके पर मौजूद भारी संख्या में लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए।
अंतिम विदाई में पहुंचे हजारों लोग, शहीद को तोपों से दी सलामी
सरकार की ओर से मौके पर पहुंची एडीसी डॉ. ऋचा वर्मा, एसपी संजीव गांधी, एसडीएम अजीत भारद्वाज, डीएसपी पालमपुर विकास धीमान, डीएसपी कांगड़ा सुरेंद्र शर्मा, नायाब तहसीलदार विजय सूद ने शहीद को शमशान घाट पर श्रद्घांजलि अर्पित की।
साथ ही सीआरपीएफ के जवानों ने शहीद संजय को तोपों की सलामी दी। शहीद संजय को उसके भतीजे ने मुखाग्नि दी। गांवों के युवाओं ने जब तक सूरज चांद रहेगा संजय तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए। शहीद संजय अपने पीछे पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा, माता शकुंतला देवी, पत्नी अंकिता, बेटियां अमिशा और कशिश को छोड़ गए हैं।
शहीद सुरेंद्र की अंतिम विदाई में भी उमड़ा सैलाब
हमले में शहीद हुए सूबे के सपूत सुरेंद्र ठाकुर को तीन वर्षीय मासूम बेटी एलिना ने मुखाग्रि दी। शहीद के पार्थिव शव को लेकर सेना का हैलीकॉप्टर पांच बजे सुंदरनगर के पोलटैक्रीकल कॉलेज के मैदान में उतरा।
डीसी मंडी संदीप कदम व एसपी प्रेम कुमार ठाकुर ने यहां पर शहीद के पार्थिव शव को श्रंद्धाजंलि अर्पित की। यहां से प्रशासनिक अधिकारी व सीआरपीएफ अधिकारी शहीद के पार्थिव शव को लेकर नेरचौक के लिए रवाना हुए।
साढ़े पांच बजे के करीब शहीद का पार्थिव शव नेरचौक स्थित घर में पहुंचा। शव के पहुंचते ही घर के बाहर मौजूद हजारों लोगों की आंखे नम हो गई। हर किसी का सिर तिरंगे में लिपटे मां भारती के सपूत के सजदे में झुक गया। शव के पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
शहीद को देख रोए लोग, नारों से गूंजा बाजार
हर शख्स की आंख नम और सीना फर्क से चौड़ा था। मौके पर मौजूद जन सैलाब ने भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा सुरेंद्र ठाकुर का नाम रहेगा, अमर जवान शहीद रहे, सुरेंद्र ठाकुर अमर रहे के नारों से नेरचौक बाजार गूंज उठा।
परिजनों को ढाढ़स बंधाने के लिए हर कोई प्रयास कर रहा था। लेकिन, मां विमला ठाकुर व पत्नी किरण के आंसू थामे नहीं थम रहे हैं। रोती बिलखती मां व पत्नी को देखकर हर किसी का दिल पसीज रहा था।
छह बजे के करीब शहीद के पार्थिव देह घर से अंतिम यात्रा के लिए निकला। अंतिम यात्रा में सैंकड़ों लोग ने अमर जवान को अंतिम विदाई दी। साढ़े छह के करीब नेरढांगू शमशान घाट में में शहीद का पार्थिव देह पहुंचा।
यहां पर पुलिस जवानों व सीआरपीएफ के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ आर्नर दिया। सात बजे मासूम तीन बर्षीय बच्ची एलिना ने शहीद पिता को मुखाग्रि दी। इस मौके सांसद रामस्वरूप, मंत्री प्रकाश चौधरी, सीआरपीएफ के अधिकारी डीसी मंडी संदीप कदम, एसपी प्रेम कुमार ठाकुर, एसडीएम बल्ह सिद्धार्थ आचार्य, एसएचओ बल्ह संजीव सूद सहित कई लोग उपस्थित रहे।