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आईएमए से हिमाचल के 22 युवा हुए पासआउट, बिलासपुर के आतिश ने जीता सिल्वर मेडल

Sun, 10 Jun 2018 10:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो,देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो,देहरादून Updated Sun, 10 Jun 2018 10:03 AM IST
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twenty two youth of himachal passed out from indian military academy dehradun

हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में मिसाल कायम की है। इस साल आईएमए से हिमाचल के 22 युवा पासआउट हुए हैं। इसमें कांगड़ा जिले के कई युवा शामिल हैं।

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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर निवासी आतिश सहगल ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने बताया कि बचपन का सपना आज साकार हो गया। उनके पिता अनिल सहगल बिजली विभाग में अधिशासी अभियंता हैं, जबकि माता कुसुम गृहणी हैं।
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 सुजानपुर से पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में एनडीए की परीक्षा पास की। छोटा भाई आरूल नौवीं कक्षा का छात्र है। बेटे के अफसर बनने पर माता-पिता गदगद हैं। 

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कांगड़ा के अनमोल बने सेना में अफसर

twenty two youth of himachal passed out from indian military academy dehradun

हिमाचल के नूरपुर कांगड़ा निवासी अनमोल शर्मा को सैनिक स्कूल से सेना में जाने का माहौल मिला। शनिवार को हुई पीओपी से पासआउट होकर अनमोल सेना में अफसर बन गए। उनके पिता व्यवसायी हैं।

अनमोल ने सैनिक स्कूल, सुजानपुर हिमाचल प्रदेश से 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उनका चयन एनडीए में हो गया। अनमोल ने बताया कि उनके लिए सैनिक स्कूल ही सेना में जाने के लिए प्रेरणा बना। उनके पिता विजय शर्मा कारोबारी और मां मुक्ता शर्मा गृहिणी हैं।

हवलदार का बेटा बना अफसर

twenty two youth of himachal passed out from indian military academy dehradun
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर, कांगड़ा निवासी हवलदार का बेटा ज्योति प्रकाश भी शनिवार को आईएमए से पासआउट होकर सेना में अफसर बन गया। ज्योति 11 साल पहले क्लर्क के पद पर सेना में भर्ती हुए थे।

इसके बाद उन्होंने कमीशन हासिल किया। ज्योति ने मोरला से 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद वर्ष 2007 में वह सेना में बतौर क्लर्क भर्ती हो गए। उन्हें अफसर की जीवनशैली और अनुशासन हमेशा से लुभाता था।

उनके पिता प्रीतम चंद आर्मी मेडिकल कॉर्प्स से हवलदार पद से रिटायर हैं। ज्योति ने बताया कि अपनी चाहत को पूरी करने के लिए वह मेहनत से जुटे थे। उन्होंने सेना में कमीशन प्राप्त किया।

वर्ष 2014 में ज्योति ने आईएमए में एंट्री पाई। चार साल के कठिन प्रशिक्षण के बाद शनिवार को वह पासआउट होकर सेना में अफसर बन गए। खुशी के इन लम्हों में उनकी मां उर्मिला देवी भी आईएमए पहुंचीं।
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