{"_id":"671e2f42bdd91f1fe20ee6bf","slug":"tunnel-to-be-built-in-shimla-shimla-news-c-19-sml1001-431145-2024-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: टॉलैंड-आईजीएमसी टनल की डीपीआर तैयार करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: टॉलैंड-आईजीएमसी टनल की डीपीआर तैयार करने के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खास खबर...
अगले साल से निर्माणकार्य शुरू करने की तैयारी, कंसलटेंट तैयार करेगा डीपीआर, टेंडर आमंत्रित
डीपीआर से पहले फिजिबिलिटी रिपोर्ट देंगे, टनल बनने से खत्म हो जाएगा सर्कुलर रोड का जाम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सर्कुलर रोड पर लगने वाले यातायात जाम से शहरवासियों को जल्द राहत मिल सकती है। टॉलैंड से आईजीएमसी तक बनने वाली डबललेन टनल के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
हिमाचल प्रदेश रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अनुसार डीपीआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट की तैनाती की जा रही है। इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित कर लिए गए हैं। नवंबर के अंत तक कंसलटेंट तैनात हो जाएगा। कंसलटेंट सबसे पहले इस क्षेत्र का सर्वेक्षण करेगा। इसके बाद टनल निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगा। अंत में इस पूरे प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जाएगी। इसे फिर सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह सारी प्रक्रिया अगले छह महीने में पूरी करने की तैयारी है। अगले साल से ही टॉलैंड चौक से आईजीएमसी तक टनल बनाने का काम शुरू हो सकता है। पहले यह टनल नवबहार से आईजीएमसी तक बननी थी। करीब 295 करोड़ रुपये से प्रस्तावित 880 मीटर लंबी इस टनल की डीपीआर भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन कुछ दिन पहले ही सरकार ने इस प्रोजेक्ट में बदलाव का फैसला लिया। अब टॉलैंड से यह टनल बनाई जा रही है। कार्पोरेशन के निदेशक पवन शर्मा ने कहा कि जल्द इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी।
सर्कुलर रोड को आपस में जोड़ने के लिए पहले नवबहार से यह टनल बननी थी। इससे संजौली क्षेत्र में तो यातायात जाम कम होना था, लेकिन छोटा शिमला, पुराना बस अड्डा और लक्कड़ बाजार क्षेत्र में इसका फायदा नहीं मिलना था। पूरे सर्कुलर रोड पर यातायात जाम कम हो, इसलिए सरकार ने टॉलैंड से टनल निर्माण के निर्देश दिए हैं। टॉलैंड से टनल बनने के बाद अपर शिमला और ढली से टुटीकंडी आने जाने वाले वाहन सीधे ढली बाईपास होकर आईजीएमसी से टॉलैंड पहुंचेंगे। इन्हें संजौली चौक या छोटा शिमला नहीं जाना पड़ेगा। इसी तरह पंथाघाटी और टुटीकंडी से खलीनी होकर आने वाले वाहनों को आईजीएमसी या अपर शिमला जाने के लिए बस अड्डे या छोटा शिमला जाने की जरूरत नहीं रहेगी। यह टनल से सीधे आईजीएमसी क्षेत्र पहुंच जाएंगे। टनल के बनने के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी करीब पांच किलोमीटर तक घट जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगले साल से निर्माणकार्य शुरू करने की तैयारी, कंसलटेंट तैयार करेगा डीपीआर, टेंडर आमंत्रित
डीपीआर से पहले फिजिबिलिटी रिपोर्ट देंगे, टनल बनने से खत्म हो जाएगा सर्कुलर रोड का जाम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सर्कुलर रोड पर लगने वाले यातायात जाम से शहरवासियों को जल्द राहत मिल सकती है। टॉलैंड से आईजीएमसी तक बनने वाली डबललेन टनल के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
हिमाचल प्रदेश रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अनुसार डीपीआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट की तैनाती की जा रही है। इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित कर लिए गए हैं। नवंबर के अंत तक कंसलटेंट तैनात हो जाएगा। कंसलटेंट सबसे पहले इस क्षेत्र का सर्वेक्षण करेगा। इसके बाद टनल निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगा। अंत में इस पूरे प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जाएगी। इसे फिर सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह सारी प्रक्रिया अगले छह महीने में पूरी करने की तैयारी है। अगले साल से ही टॉलैंड चौक से आईजीएमसी तक टनल बनाने का काम शुरू हो सकता है। पहले यह टनल नवबहार से आईजीएमसी तक बननी थी। करीब 295 करोड़ रुपये से प्रस्तावित 880 मीटर लंबी इस टनल की डीपीआर भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन कुछ दिन पहले ही सरकार ने इस प्रोजेक्ट में बदलाव का फैसला लिया। अब टॉलैंड से यह टनल बनाई जा रही है। कार्पोरेशन के निदेशक पवन शर्मा ने कहा कि जल्द इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
सर्कुलर रोड को आपस में जोड़ने के लिए पहले नवबहार से यह टनल बननी थी। इससे संजौली क्षेत्र में तो यातायात जाम कम होना था, लेकिन छोटा शिमला, पुराना बस अड्डा और लक्कड़ बाजार क्षेत्र में इसका फायदा नहीं मिलना था। पूरे सर्कुलर रोड पर यातायात जाम कम हो, इसलिए सरकार ने टॉलैंड से टनल निर्माण के निर्देश दिए हैं। टॉलैंड से टनल बनने के बाद अपर शिमला और ढली से टुटीकंडी आने जाने वाले वाहन सीधे ढली बाईपास होकर आईजीएमसी से टॉलैंड पहुंचेंगे। इन्हें संजौली चौक या छोटा शिमला नहीं जाना पड़ेगा। इसी तरह पंथाघाटी और टुटीकंडी से खलीनी होकर आने वाले वाहनों को आईजीएमसी या अपर शिमला जाने के लिए बस अड्डे या छोटा शिमला जाने की जरूरत नहीं रहेगी। यह टनल से सीधे आईजीएमसी क्षेत्र पहुंच जाएंगे। टनल के बनने के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी करीब पांच किलोमीटर तक घट जाएगी।
विज्ञापन