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'सब जानते हैं कैसा है वीरभद्र सिंह का व्यवहार'

Tue, 14 Jul 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 14 Jul 2015 12:17 AM IST
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tug of war between prem kumar dhumal and cm virbhadra singh.

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने वीरभद्र के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के ब्यान को पढ़कर हंसी आती है। उन्होंने कहा कि सीएम किस को धोखे में रखना चाहते हैं, कौन नहीं जानता कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों चाहे वह कांग्रेस पार्टी या फिर विपक्ष के हो। इन नेताओं के साथ कैसा व्यवहार किया। पार्टी के अनेकों लोग इनकी आदत का शिकार हो चुके हैं। अपने ‘मुंह मियां मिठू’ बनना कुछ लोगों की आदत बन जाती है।

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धूमल ने कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री ने कहना है कि मैं हीन भावना से ग्रस्त हूं, मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि फौजी और किसान के बेटे हीनभावना से ग्रस्त नहीं होते। उन्होंने कहा कि हीनभावना से वह लोग ग्रस्त होते हैं जिन्हें डर सताता रहता है कि कहीं उनके खानदान का इतिहास लोग जान न जायें।
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उन्होंने 1998 में 6 दिन की सरकार बनाने के लिए किस तरह की गुंडागर्दी की थी और चुने हुए प्रतिनिधि से कैसे मारपीट की थी। इसी प्रकार 1997 में कांग्रेस पार्टी के ही उस समय के विधायक मेहिंद्र सिंह ठाकुर को किस तरह से सरकारी मंच से उतारा गया था।
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उन्हें और उनके परिवार की महिलाओं को गिरफ्तार किया गया और एक रात में कितने थानों में बदला गया, यह उनकी शालीनता और अनुशासन की एक झलक दिखलाता है। उन्होंने कहा कि 1997 में परवाणू में स्व. रामलाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता ओपी रतन और आंनद शर्मा नेताओं के साथ किया गया व्यवहार इनको याद रखना चाहिए।


उन्होंने कहा कि जहां तक विपक्ष नेता असफ ल साबित होने की बात है उन्होंने कहा कि उनकी नजर में विपक्ष के सफ ल नेता वह हो सकते हैं जो रात के अंधेरे में उनके साथ मिले और उनकी नीतियों का समर्थन करे। धूमल ने कहा कि भाजपा के सभी विधायक अनुशासित भी हैं, अपने-अपने क्षेत्र की जनता के प्रति समर्पित भी हैं। वह अपने लोगों और उनके अधिकारों के लिए लड़ना जानते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी खर्चे पर सरकारी अधिकारियों द्वारा आयोजित जनसभाएं सरकारी ही कहलायेंगी।

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