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लॉकडाउन में फंसे पाइप लेकर हिमाचल आ रहे ट्राले, कश्मीरी मजदूर भी लौटे
Mon, 27 Apr 2020 08:50 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 27 Apr 2020 08:50 PM IST
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जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में जल जीवन मिशन और अन्य योजनाएं शुरू करने के लिए पानी के पाइपों के ट्राले लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते बाहरी राज्यों में फंसे हैं। ये ट्राले आंध्रप्रदेश, यूपी और हरियाणा आदि राज्यों से सप्लाई लेकर आ रहे थे। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि सभी डीसी से कहा गया है कि वे अपने जिलों के पाइपों के ट्राले हिमाचल लाने को संबंधित राज्यों के डीसी से संपर्क करें।
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उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण करीब 4500 करोड़ के जल जीवन मिशन पर संकट छा गया है। इससे सभी घरों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होनी थी। कहा कि प्रदेश में योजनाओं और चालू स्कीमों की पाइप लाइन डालने को खुदाई का काम कश्मीरी मजदूर करते थे, लेकिन ये श्रमिक अब नहीं मिल रहे हैं। कश्मीरी श्रमिक वापस चले गए हैं। मनरेगा से ही अब काम लेना होगा। मनरेगा के तहत भी जलशक्ति विभाग के कई काम किए जा सकते हैं।
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जल जीवन मिशन में 1700 करोड़ के काम का लक्ष्य
महेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में इस साल जल जीवन मिशन में 1700 करोड़ के काम करने का लक्ष्य रखा है। मिशन के शुरुआती काम में हिमाचल पहले स्थान पर रहा है। इसके लिए 57 करोड़ का इन्सेंटिव मिला है। 31 अगस्त, 2022 तक इसे पूरा किया जाना है। 2020-21 के लिए प्लान साइज 1710 करोड़ रखा गया है। 2021-22 के शुरू में ही इसके तहत 1531 करोड़ रुपये खर्चे जाने हैं। इसी वर्ष अप्रैल के बाद पांच महीनों में 1030 करोड़ खर्चे जाने हैं।
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आंकड़े दुरुस्त कर तीन लाख 70 हजार नए कनेक्शन जोड़े
प्रदेश में पहले घरों में पेयजल के कनेक्शन का आंकड़ा 13 लाख था। आंकड़े दुरुस्त किए गए तो तीन लाख 70 हजार रुपये का आंकड़ा और जोड़ दिया गया। इन तमाम कनेक्शनों पर पेयजल दिया जाना है।