इस दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे ट्रक ऑपरेटर
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ट्रकों की देशव्यापी हड़ताल से परवाणू में रोजाना 100 करोड़ के कारोबार का नुकसान होने का अनुमान है। परवाणू में लगभग 500 उद्योग कार्य कर रहे हैं। परवाणू उद्योग संघ के उपाध्यक्ष अनिल सहगल ने बताया कि देशव्यापी हड़ताल से स्थानीय उद्योगों पर भारी असर पड़ेगा।
कम से कम प्रतिदिन 100 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ सकता है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर परवाणू ट्रक ऑपरेटर, कैंटर ऑपरेटर और पिकअप ऑपरेटर 20 जुलाई से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
इस कारण मालवाहक ट्रक, कैंटर और पिकअप के पहिए थम जाएंगे। हड़ताल के दौरान परवाणू उद्योग संघ को ट्रांसपोर्टरों ने पहले ही सूचना दे दी है। हालांकि, हड़ताल में रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी। परवाणू में 500 ट्रक, 500 कैंटर और 500 के लगभग ही पिकअप हड़ताल पर रहेंगे।
सोलन से रोजाना 375 क्विंटल टमाटर का निर्यात
देश व्यापी हड़ताल का असर सेब और टमाटर के सीजन पर हड़ताल की पूर्वसंध्या से ही हावी हो गया। हड़ताल के डर से वीरवार को बाहरी राज्यों की सप्लाई के लिए सामान नहीं लिया गया।
सोलन सब्जी मंडी में रोजाना करीब डेढ़ हजार टमाटर के क्रेट गुजरात, राजस्थान समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सप्लाई होते हैं। लेकिन हड़ताल की पूर्वसंध्या वीरवार को ही ट्रकों के पहिए थम गए। बाहरी राज्यों से आए ट्रक चालक सब्जी मंडी के बाहर ही खड़े रहे।
वापसी के दौरान हड़ताल की चपेट में आने के डर से ट्रक चालकों ने सामान लोड ही नहीं किया। हालांकि मंडी समिति ने टमाटर व अन्य सब्जियों की सप्लाई पर हड़ताल का असर न पड़ने की बात कही है।
सब्जी मंडी सोलन के सचिव प्रकाश कश्यप ने बताया कि ट्रक चालक डरे हुए हैं। अब शुक्रवार को ही यह तय होगा कि आगामी दिनों में सप्लाई जाएगी या नहीं। उन्होंने बताया कि टमाटर की सप्लाई प्रभावित होती है तो करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।
इन मांगों पर हो रही है हड़ताल
आल हिमाचल ट्रक आपरेटर्स फेडरेशन के चेयरमैन एवं ट्रक यूनियन नालागढ़ के प्रधान चौधरी विद्यारतन ने कहा कि आपरेटरों की मुख्य मांगों में डीजल की कीमतों में कमी, त्रैमासिक संशोधन व राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम में जीएसटी से छूट, एजेंट कमीशन समाप्त करने व वर्ष में
बढ़ाया प्रीमियम वापस लेना, आयकर अधिनियम की धारा 44-ई को तर्कसंगत करने, टीडीएस को समाप्त और दर में कमी करने, कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स समाप्त व कम करने, अनुबंध समय समाप्त होने पर टोल बंद करने, नेशनल हाईवे अथॉरिटी की अनुबंध शर्तें लागू करना शामिल है।